हरियाणा विधानसभा चुनाव 2014 के दौरान दुष्कर्म के गंभीर मामले में जेल की सजा काट रहे डेरा प्रमुख राम रहीम सिंह को पैरोल पर जेल से रिहा किया गया है। राम रहीम को 20 दिन की पैरोल दी गई है। जेल से रिहाई के बाद राम रहीम अब उत्तर प्रदेश के बरनावा आश्रम में रहेंगे। उन्हें पुलिस की कड़ी सुरक्षा में सुनारियां जेल से बाहर लाया गया। सुबह छह बजे से ही जेल के बाहर गतिविधियां तेज हो गई थीं और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
कांग्रेस की आपत्ति के बावजूद राम रहीम की पैरोल को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि इस समय राम रहीम को पैरोल देना उचित नहीं है, क्योंकि इसका विधानसभा चुनाव पर प्रभाव पड़ सकता है। इन आपत्तियों के बावजूद देर रात हरियाणा सरकार ने राम रहीम की रिहाई का आदेश जारी कर दिया। प्रशासन ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार राम रहीम को नियमों के तहत पैरोल दी गई है, जो इस साल की बाकी बची हुई पैरोल में से 20 दिन की है।
पैरोल की शर्तें राम रहीम की रिहाई को लेकर चर्चा यह भी है कि उन्हें विधानसभा चुनावों में फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से रिहा किया गया है। हालांकि, उनकी पैरोल कुछ शर्तों के साथ है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि पैरोल के दौरान वह हरियाणा में नहीं रहेंगे और न ही सोशल मीडिया पर सक्रिय रहेंगे। अगर इन शर्तों का उल्लंघन हुआ, तो उनकी पैरोल तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
20 साल की सजा गौरतलब है कि राम रहीम को 2017 में अपनी दो अनुयायियों के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था और अदालत ने उन्हें 20 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, राम रहीम और तीन अन्य लोगों को 16 साल पहले एक पत्रकार की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था।
हरियाणा में चुनाव के चलते 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया राम रहीम




