
प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में हो सकता है राजनीतिक बदलाव
प्रदेश की राजनीति में फिर हलचल की संभावना जताई जा रही है। समाजवादी पार्टी ने संकेत दिया है कि उसके बागी विधायक विशेष शर्त पूरी करने पर पार्टी में दोबारा शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, जो विधायक जिस कारण बाहर गए थे, उसी आधार पर वापसी का रास्ता तय किया गया है, यानी आगामी राज्यसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करना होगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कुछ असंतुष्ट विधायक, जिन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में अपेक्षित महत्व नहीं मिला, अब दोबारा सपा नेतृत्व से संपर्क में हैं। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि वापसी का रास्ता खुला है, लेकिन निष्ठा साबित करना जरूरी होगा।
फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार विजयी हुए थे। उस समय सपा के सात विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की थी, जिससे भाजपा के उम्मीदवार संजय सेठ जीत गए और सपा के उम्मीदवार आलोक रंजन को हार का सामना करना पड़ा। बाद में पार्टी ने चार विधायकों को निष्कासित भी कर दिया था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस वर्ष 25 नवंबर को यूपी कोटे की 10 राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। उससे पहले होने वाले चुनाव में यदि वापसी चाहने वाले विधायक सपा उम्मीदवारों को समर्थन देते हैं, तो उन्हें बिना किसी लिखित माफीनामे के पुनः पार्टी में शामिल किया जा सकता है।





