पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होता है इन बीमारियों का खतरा, समय रहते पहचानें लक्षण

बदलती लाइफस्टाइल और अनियमित खान-पान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। कम उम्र में ही कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर महिलाओं और पुरुषों दोनों पर पड़ रहा है, लेकिन महिलाओं के मामले में स्थिति ज्यादा चिंताजनक मानी जाती है। कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि भारत में बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने भोजन से पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। यही वजह है कि एनीमिया, हृदय रोग, प्रजनन से जुड़ी समस्याएं और शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन जैसी दिक्कतें महिलाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य, अधिकारों और सामाजिक भागीदारी को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि इन बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़े। ऐसे में आइए जानते हैं कि वे कौन-सी प्रमुख बीमारियां हैं जिनका खतरा महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक पाया जाता है और जिनके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

महिलाओं में बीमारियों का बढ़ता खतरा
कई अध्ययनों में सामने आया है कि कुछ बीमारियां महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक प्रभावित करती हैं। इनमें हृदय रोग, स्तन कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हैं। इसके अलावा दुनियाभर में प्रजनन आयु की करीब 30 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया यानी खून की कमी से जूझ रही हैं, जो महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है।

आइए विस्तार से जानते हैं महिलाओं में तेजी से बढ़ रही इन बीमारियों और उनके कारणों के बारे में।

महिलाओं में एनीमिया की समस्या
एनीमिया महिलाओं में सबसे आम पाई जाने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इस स्थिति में शरीर में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, जिसे सामान्य भाषा में खून की कमी कहा जाता है।

  • हीमोग्लोबिन शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • एनीमिया होने पर महिलाओं को अक्सर कमजोरी, थकान, चक्कर आना और सांस फूलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • महिलाओं में एनीमिया का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी माना जाता है।

हार्मोनल समस्याएं
एनीमिया के अलावा महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है।

  • पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) महिलाओं में पाया जाने वाला एक सामान्य हार्मोनल विकार है, जिसमें शरीर में पुरुष हार्मोन एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है।
  • इस समस्या के कारण मासिक धर्म अनियमित होना, चेहरे पर अनचाहे बाल आना, मुंहासे होना, वजन बढ़ना और गर्भधारण में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • जंक फूड का ज्यादा सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और बढ़ता मोटापा इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।

स्तन कैंसर का बढ़ता खतरा
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए स्तन कैंसर भी एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है। यह महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है।

  • स्तन की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण यह बीमारी विकसित होती है।
  • स्तन में गांठ महसूस होना, स्तन के आकार में बदलाव या निप्पल से असामान्य तरल निकलना इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं।
  • परिवार में कैंसर का इतिहास, हार्मोनल बदलाव और शराब का सेवन इसके जोखिम को बढ़ा सकता है।

हृदय रोग का खतरा
आमतौर पर हृदय रोग को पुरुषों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब महिलाओं में भी इसका खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कई बार महिलाओं में इसके लक्षण पुरुषों से अलग दिखाई देते हैं, जिससे समय पर पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं
आज के समय में महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। डिप्रेशन, तनाव और चिंता जैसी समस्याएं महिलाओं को अधिक प्रभावित कर रही हैं। कई रिपोर्ट्स में महिलाओं में बढ़ते अवसाद और इससे जुड़े आत्महत्या के मामलों को लेकर चिंता जताई गई है।

नोट: किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading