
कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार का प्रयास, एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का करना होगा इंतजार
देश में एलपीजी की संभावित कमी और बढ़ती कालाबाजारी को देखते हुए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। नए फैसले के तहत अब ग्रामीण इलाकों में एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक कराने के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाई गई सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण एलपीजी की सप्लाई पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते कई जगहों पर इसकी कमी महसूस की जा रही है। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं और उन्हें ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन हालात को देखते हुए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग की समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
पेट्रोलियम मंत्री ने संसद में दी जानकारी
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में एक सिलेंडर प्राप्त करने के 45 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम एलपीजी की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखने और ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मंत्री के अनुसार, इससे घबराहट में की जाने वाली अनावश्यक बुकिंग यानी ‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने में भी मदद मिलेगी।
10 दिनों में तीसरी बार बढ़ाई गई समय सीमा
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद सरकार ने सिलेंडर बुकिंग के लॉक-इन पीरियड में लगातार बदलाव किया है। 6 मार्च को पहली बार 21 दिन की समय सीमा तय की गई थी, जबकि इससे पहले ऐसी कोई सीमा निर्धारित नहीं थी। इसके बाद अचानक मांग बढ़ने पर इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। फिर 12 मार्च को सरकार ने तीसरी बार बदलाव करते हुए लॉक-इन पीरियड को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया।
ग्रामीण परिवारों की जरूरत को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में एक परिवार साल भर में करीब पांच एलपीजी सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है। इसलिए वहां जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि हाल के दिनों में एलपीजी की कमी की खबरों के कारण लोगों ने एहतियात के तौर पर अग्रिम बुकिंग शुरू कर दी थी और कई लोग सिलेंडर जमा करने लगे थे। इससे वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर सिलेंडर पहुंचने में दिक्कत आने लगी थी। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से जरूरत के मुताबिक सिलेंडर की सप्लाई सुनिश्चित होगी और कालाबाजारी पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।





