
अफगानिस्तान में पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान वायुसेना ने कंधार हवाईअड्डे के नजदीक निजी एयरलाइन काम एयर के ईंधन डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह ईंधन डिपो घरेलू उड़ानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन उपलब्ध कराता है। उन्होंने पाकिस्तान पर पहले भी एक स्थानीय व्यापारी हाजी खान जादाह के ईंधन भंडारण स्थल को निशाना बनाने का आरोप लगाया था।
खोस्त प्रांत में भी गोलाबारी की खबर
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के अलीशेर-तेरेजाई जिले के कई इलाकों में भी गोलाबारी की। यह इलाका तथाकथित डूरंड रेखा के करीब स्थित है। अफगान मीडिया के अनुसार, तोपखाने की इस गोलाबारी में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
फरवरी से तेज हुआ सैन्य टकराव
दोनों देशों के बीच सीमा पर पिछले महीने से सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। 27 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगान राजधानी काबुल समेत कई शहरों में हवाई हमले किए थे। उस समय पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे खुले युद्ध की स्थिति बताते हुए कहा था कि पाकिस्तान का धैर्य जवाब दे चुका है। उन्होंने तालिबान पर अंतरराष्ट्रीय आतंकियों को पनाह देने और उग्रवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि 26 फरवरी को डूरंड रेखा के पास की गई जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
टीटीपी और सीमा विवाद से बढ़ी तल्खी
विश्लेषकों का मानना है कि 2021 में तालिबान के दोबारा सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को सुरक्षित ठिकाने मिल रहे हैं। 2007 में गठित यह संगठन अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन विचारधारा और नेटवर्क के स्तर पर दोनों के बीच गहरे संबंध बताए जाते हैं। हाल के वर्षों में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान क्षेत्रों में टीटीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के हमलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी आलोचना की है। नई दिल्ली ने खासतौर पर रमजान के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों की मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया।





