
प. बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा में हुई हालिया घटना को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राज्य में अशांति फैलाने के उद्देश्य से बाहरी लोगों को बुलाकर हिंसा भड़काने की कोशिश की गई। शुक्रवार को हाजरीपाड़ा मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि इस मामले की जांच राज्य सीआईडी कर रही है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के लिए लोगों को मुंबई से बुलाया गया था और पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जहां एनआईए कार्रवाई करने में विफल रही, वहीं राज्य की एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया।
दरअसल, यह घटना उस समय सामने आई जब बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि करीब 1.20 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं या हटाने की प्रक्रिया में हैं। मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए भुनाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर हुए प्रशासनिक तबादलों में अधिकांश अधिकारी पश्चिम बंगाल से ही हैं, जिनमें डीजीपी और मुख्य सचिव जैसे वरिष्ठ पद भी शामिल हैं। ममता बनर्जी ने मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन महिलाएं झाड़ू लेकर घरों से निकलें और लोकतांत्रिक तरीके से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हुए जवाब दें। साथ ही उन्होंने केंद्रीय बलों, खासकर सीआरपीएफ, के दुरुपयोग की आशंका भी जताई।
इधर, राज्य सीआईडी ने बागडोगरा एयरपोर्ट से वकील और पूर्व एआईएमआईएम उम्मीदवार मोफक्कारुल इस्लाम को इस मामले का मुख्य आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनआईए ने भी मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शीर्ष अदालत ने इस घटना को न्यायिक अधिकारियों को डराने और उनके कार्य में बाधा डालने की एक सोची-समझी कोशिश बताया है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीम जल्द ही मालदा पहुंचकर जांच को आगे बढ़ाएगी। अब तक स्थानीय पुलिस इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें आईएसएफ उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली भी शामिल हैं। गौरतलब है कि 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिली थीं। कांग्रेस और वाम दलों को कोई सीट नहीं मिल सकी थी।






