
सीईसी ने बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, पुलिस आयुक्त को दिए निर्देश
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों को नौ घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाए जाने की घटना के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इस मामले में बंगाल पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, चुनाव आयोग ने भी राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराई जाए।
आयोग के निर्देश राज्य के सभी प्रशासनिक स्तरों मंडल आयुक्त, एडीजीपी, आईजी, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, एसएसपी और एसपी पर लागू होंगे। आयोग ने विशेष रूप से जोर दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी, प्रलोभन, बूथ कैप्चरिंग, बूथ जैमिंग या मतदान में बाधा जैसी गतिविधियों को सख्ती से रोका जाए।
गौरतलब है कि ये निर्देश मालदा में एक अप्रैल को हुई उस घटना के बाद आए हैं, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से कथित रूप से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने तीन महिला अधिकारियों समेत सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया था। इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए, जबकि भाजपा ने इसे घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई बताया है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने एनआईए को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीधे पेश करने के निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई 6 अप्रैल 2026 तय की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस घटना को न्याय व्यवस्था में बाधा डालने का गंभीर प्रयास करार देते हुए राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। अदालत ने यह भी कहा कि पूर्व सूचना के बावजूद अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पाई, जिससे वे घंटों तक बिना भोजन और पानी के फंसे रहे। इस पर मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक समेत वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।





