जमीन घोटाले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश होंगे। झारखंड में 26 साल पहले ही लालू यादव की कहानी दोहराई जा सकती है। जमीन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का सामना कर रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सियासी गलियारों में ऐसी चर्चा है कि जांच में सहयोग नहीं करने पर ED किसी भी वक्त हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, अगर हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी होती है, तो उनकी पत्नी कल्पना सोरेन उनकी जगह मुख्यमंत्री बन सकती हैं। विधायकों ने मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन को कमान सौंपे जाने की अटकलों के बीच बिना किसी के नाम वाले एक समर्थन पत्र पर साइन भी किए हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन फिलहाल राजनीति में नहीं हैं। वह रांची में एक प्ले स्कूल चलाती हैं। कल्पना की संथाली, ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी जैसी भाषाओं पर भी उनकी खासी पकड़ है। उन्होंने एमबीए की भी डिग्री ली है। झारखंड में उनकी पहचान एक बिजनेस वुमन और सोशल वर्कर के तौर पर भी है। जानकारों का कहना है कि बुधवार को ईडी के सामने पहली बार जा रहे हेमंत सोरेन अगर गिरफ्तार होते हैं तो सरकार पर नियंत्रण के लिए चाहेंगे की पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री बना दें। उम्मीद ये हो सकती है कि सहानुभूति पत्नी के सहारे बंटोरेंगे। लेकिन विपक्ष के लिए तब परिवारवाद के पैमाने पर नई चुनौती होगी। दूसरा अगर हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी नहीं होती सिर्फ पूछताछ ही होती है तो गिरफ्तारी की तलवार आगे लटकी रहेगी। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष के लिए चुनौती खड़ी रहेगी।






