
चुनाव आयोग की सख्त कार्रवाई
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को संपन्न हुए पहले चरण के विधानसभा चुनाव के दौरान पक्षपात के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। भारत निर्वाचन आयोग ने गंभीर अनियमितताओं और निष्पक्षता में कमी के आरोप में आईपीएस अधिकारी सहित कुल छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निलंबित अधिकारियों में एसडीपीओ और विभिन्न थानों के प्रभारी निरीक्षक भी शामिल हैं। आयोग ने हिंगलगंज थाना के प्रभारी संदीप सरकार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। इसके अलावा संदीप गराई (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डायमंड हार्बर), साजल मंडल (एसडीपीओ, डायमंड हार्बर), मौसम चक्रवर्ती (इंस्पेक्टर इंचार्ज, डायमंड हार्बर थाना), अजय बाग (इंस्पेक्टर इंचार्ज, फलता थाना) और शुभेच्छा बाग (ऑफिसर इंचार्ज, उस्थी थाना) को भी निलंबित किया गया है। संदीप गराई के संबंध में उनके कैडर नियंत्रण प्राधिकारी को गृह मंत्रालय के माध्यम से रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आयोग ने डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशानी पाल को अपने अधीनस्थ अधिकारियों में अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने पर चेतावनी जारी की है।
चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और अनुपालन रिपोर्ट सुबह 11 बजे तक प्रस्तुत की जाए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि तथ्यों और परिस्थितियों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की गई है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता और आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






