
42% उछाल के बाद दिल्ली में कीमत अब 3071.50 रुपये
एक मई से कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलिंडर के दाम में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। राजधानी नई दिल्ली में इसकी नई कीमत 3071.50 रुपये हो गई है। हालांकि, घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के दाम स्थिर रखे हैं। यह फैसला एयरलाइनों और यात्रियों को वैश्विक कीमतों की अस्थिरता से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके साथ ही पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की खुदरा कीमतों में भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने इस कदम को तेल विपणन कंपनियों की ओर से वैश्विक रुझानों के अनुरूप खुद को ढालने, घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा करने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक संतुलित पहल बताया है। आईओसी के बयान के अनुसार, आम उपभोक्ताओं पर असर डालने वाले प्रमुख ईंधनों की कीमतों में कोई संशोधन नहीं हुआ है। एटीएफ की कीमतों की समीक्षा हर महीने की पहली तारीख को इनपुट लागत के आधार पर की जाती है। हालांकि, इस बार घरेलू एयरलाइनों के लिए दरें स्थिर रखी गईं, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इनमें बढ़ोतरी की गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें लगभग 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं के लिए यथावत बनी हुई हैं। इसी तरह करीब 33 करोड़ उपभोक्ताओं को मिलने वाले 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले केरोसिन के दाम भी स्थिर हैं। कुल मिलाकर, पेट्रोलियम उत्पादों के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे अधिकांश उपभोक्ताओं को राहत मिली है। तेल कंपनियों के अनुसार, मूल्य संशोधन केवल कुछ औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित हैं, जिनकी खपत अपेक्षाकृत कम है और जिनकी कीमतें वैश्विक मानकों के आधार पर नियमित रूप से समायोजित की जाती हैं।
बयान में यह भी बताया गया कि थोक और वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों जो कुल खपत का एक प्रतिशत से भी कम हैं, की कीमतों में संशोधन किया गया है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय विमानन के लिए थोक डीजल और एटीएफ की दरों में वृद्धि की गई है, हालांकि विस्तृत आंकड़े साझा नहीं किए गए। साथ ही, लगभग चार प्रतिशत पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई है, जो वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत है। कुल मिलाकर स्थिति यह रही कि करीब 80 प्रतिशत उत्पादों की कीमतें स्थिर रहीं, चार प्रतिशत में कमी आई, जबकि 16 प्रतिशत मुख्य रूप से औद्योगिक ईंधन की कीमतों में वृद्धि देखी गई।





