
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों के साथ ही सत्ता के नए चेहरे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वे नंदीग्राम और भाबनीपुर, दोनों सीटों से चुनाव मैदान में हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है।
मतगणना के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बढ़त बनाते हुए 293 में से 161 सीटों पर आगे चल रही है। यह स्थिति भाजपा को राज्य में पहली बार सरकार बनाने के करीब पहुंचाती दिख रही है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लंबे समय से कायम वर्चस्व को चुनौती देती नजर आ रही है। भाजपा की बढ़त से कार्यकर्ताओं में उत्साह है, खासकर जंगलमहल, उत्तर बंगाल और औद्योगिक इलाकों में पार्टी का प्रदर्शन मजबूत दिख रहा है। दिन्हाटा, गोसाबा, बाघमुंडी, बांकुरा, दुर्गापुर पुरबा, बिनपुर, नयाग्राम, राजगंज और भगवानगोला जैसी अहम सीटों पर भाजपा उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं, ये क्षेत्र परंपरागत रूप से टीएमसी या वामपंथी प्रभाव वाले माने जाते रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे
भाजपा की बढ़त के साथ ही मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। नंदीग्राम सीट पर वे टीएमसी उम्मीदवार पबित्रा कर से करीब 3,100 वोटों से आगे हैं। वहीं भाबनीपुर सीट पर शुरुआती दौर में पीछे रहने के बाद तीन चरणों की गिनती के बाद ममता बनर्जी 898 वोटों से आगे हो गई हैं।
सामिक भट्टाचार्य भी चर्चा में
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का नाम भी सामने आ रहा है। आरएसएस से जुड़े भट्टाचार्य को राज्य में संगठन को मजबूत करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने का श्रेय दिया जाता है। 2024 में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ा है।
दिलीप घोष समेत कई नाम
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष भी इस दौड़ में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्हें जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का व्यापक समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री निसिथ परमानिक, आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्र पॉल और पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली के नाम भी संभावित चेहरों में शामिल हैं।






