सिक्किम का 51वां स्थापना दिवस आज

मोदी बोले- यहां का अपनापन मेरी यादों का हिस्सा

सिक्किम ने अपने गठन के 51 वर्ष पूरे करते हुए शनिवार को स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गौरव के साथ मनाया। इस अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने राज्य की जनता को शुभकामनाएं दीं और इसके विकास, शांति तथा राष्ट्रीय योगदान की सराहना की।

16 मई 1975 का दिन सिक्किम के इतिहास में मील का पत्थर है, जब यह आधिकारिक रूप से भारत का 22वां राज्य बना। इस ऐतिहासिक विलय के 51 वर्ष पूरे होने के साथ ही राज्य ने विकास, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अपनी जैविक खेती, स्वच्छ पर्यावरण और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य के कारण सिक्किम आज वैश्विक पहचान बना चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिक्किम के लोगों का स्नेह और अपनापन हमेशा उनके दिल में विशेष स्थान रखता है। उन्होंने राज्य के देश की प्रगति में योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार भविष्य में भी सिक्किम के विकास के लिए हर संभव सहयोग देती रहेगी। प्रधानमंत्री ने हाल ही में अपने सिक्किम दौरे के दौरान लोगों के साथ बिताए अनुभवों को भी साझा किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि सिक्किम अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। उन्होंने इसे सतत विकास का आदर्श उदाहरण बताते हुए कहा कि यह राज्य पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिक्किम को दुनिया का पहला पूर्ण जैविक राज्य बताते हुए इसकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिक्किम ने पर्वतीय पर्यटन को नई दिशा दी है और यह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश अपनी समृद्ध परंपराओं और कंचनजंगा की पवित्र उपस्थिति के कारण विशेष पहचान रखता है। उन्होंने नागरिकों से एकता, अनुशासन और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की अपील की तथा प्रधानमंत्री के सादगी के संदेश का समर्थन करने की बात कही। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सिक्किम की जैविक खेती, स्वच्छता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और राज्य की प्रगति को सराहा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर ने सिक्किम की लोक संस्कृति और प्राकृतिक वैभव को देश की अमूल्य धरोहर बताया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने भी राज्य की समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

नेताओं ने एक स्वर में कहा कि सिक्किम ने पिछले पांच दशकों में लोकतंत्र, शांति और विकास की एक प्रेरणादायक यात्रा तय की है। अपनी जैव विविधता, स्वच्छ वातावरण और आध्यात्मिक विरासत के कारण यह राज्य आज न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बना चुका है।

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