एमपी: करीब 721 वर्षों के बाद शुक्रवार के दिन भोजशाला में होगी पूजा-अर्चना

भोजशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, लोग शंख बजाकर मना रहे उत्सव हिंदू समाज करेगा विधि-विधान से पूजा-अर्चना

उच्च न्यायालय के फैसले के बाद आज पहली बार भोजशाला परिसर नहीं अदा होगी जुमे की नमाज, फैसले को लेकर मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के अहम फैसले के बाद आज का दिन (22 मई) इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। न्यायालय के निर्णय के बाद पहली बार शुक्रवार को यहां जुमे की नमाज नहीं अदा की जाएगी, जबकि मंदिर परिसर में सुबह विधि-विधान के साथ आरती और पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस घटनाक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में गहमागहमी और उत्सुकता का माहौल बना हुआ है। सुबह निर्धारित समय पर बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचे और मंत्रोच्चार के साथ पूजा प्रारंभ की। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले माँ वाग्देवी को चुनरी अर्पित कर पुष्पांजलि दी और गर्भगृह को भव्य रूप से सजाया। लगभग 721 वर्षों के बाद यह पहला अवसर है जब शुक्रवार के दिन भोजशाला में हिंदू समाज द्वारा परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है। परिसर को वंदनवार और सजावटी सामग्री से आकर्षक रूप दिया गया है, वहीं शंखनाद और धार्मिक जयकारों के बीच श्रद्धालु उत्सव का माहौल बना रहे हैं। दोपहर 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जबकि दोपहर में भव्य महाआरती का आयोजन भी प्रस्तावित है। इस बीच, भोजशाला आंदोलन से जुड़े 92 वर्षीय वरिष्ठ कार्यकर्ता विमल गोधा भी माँ वाग्देवी के दर्शन के लिए पहुंचे, जिनकी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह भर दिया।

दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष ने उच्च न्यायालय के इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इस संबंध में 21 मई की रात विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई, जिस पर आज सुनवाई संभव मानी जा रही है। कमाल मौला मस्जिद के सदर अब्दुल समद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यहां सदियों से जुमे की नमाज अदा की जाती रही है और इस परंपरा के बाधित होने से समुदाय में दुख है, हालांकि उनकी लड़ाई पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी दायरे में जारी रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सर्वोच्च न्यायालय से राहत मिलने पर पूर्व की तरह नमाज की व्यवस्था बहाल हो सकती है। साथ ही उन्होंने सभी से प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की।

संभावित संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने स्पष्ट किया कि शहर में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। सुरक्षा व्यवस्था के तहत भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। करीब 2200 पुलिसकर्मी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और विशेष सशस्त्र बल की तैनाती की गई है। ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और बाइक पेट्रोलिंग टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जेल वाहन, वज्र वाहन, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा गया है। अस्थायी जेल और विशेष पुलिस टीमों की भी व्यवस्था की गई है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट पर नजर रखने के लिए साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला अस्पताल में 20 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं, जबकि आईसीयू और सामान्य वार्ड को भी तैयार रखा गया है। पांच एंबुलेंस में से चार को भोजशाला परिसर के बाहर तैनात किया गया है और 12 सदस्यीय मेडिकल टीम को मौके पर देर शाम तक तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन धारा 144 लागू रखते हुए किसी भी प्रकार के जुलूस या बड़े सार्वजनिक आयोजन की अनुमति नहीं दी है। पूरे घटनाक्रम के बीच प्रशासन का मुख्य फोकस शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो।

विशिखा मीडिया

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