नीट पेपर लीक मामले में मोदी जी ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली- राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस और उसकी छात्र इकाई एनएसयूआई द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कहा कि जब तक इस मामले में जवाबदेही तय नहीं होती, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए ठोस एवं सुरक्षित तंत्र विकसित नहीं किया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

राहुल गांधी ने इस मुद्दे को देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट बताते हुए कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक ने लाखों छात्रों की मेहनत और सपनों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के चलते कई छात्रों ने निराशा में आत्मघाती कदम तक उठाए, जो अत्यंत चिंताजनक और दुखद है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे मामले में न तो कोई जिम्मेदारी स्वीकार की गई और न ही शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया में राहुल गांधी ने लिखा कि एक ओर देश के युवा पेपर लीक से परेशान होकर सड़कों पर न्याय की मांग कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री विदेश दौरे में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि सरकार की यह उदासीनता छात्रों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि जब छात्र, एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, तब भाजपा शासित राज्यों में उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठीचार्ज से देती है, वह जवाबदेही से नहीं बल्कि भय से संचालित होती है। राहुल गांधी ने दोहराया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और तब तक संघर्ष जारी रहेगा जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती। उन्होंने इसे उन सभी छात्रों की लड़ाई बताया, जिनका भविष्य इस कथित लापरवाही के कारण प्रभावित हुआ है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि बीते वर्षों में जो आर्थिक ढांचा खड़ा किया गया, उसका लाभ सीमित वर्ग को मिला है, जबकि आम जनता जिसमें युवा, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारी शामिल हैं, वास्तविक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपने हालात पर विचार करने और यह समझने का आह्वान किया कि वे इस व्यवस्था के लाभार्थी हैं या उसके दुष्प्रभावों के शिकार।

इस बीच, राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय की ओर मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। कांग्रेस नेताओं ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading