भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत प्रकरण में अब जांच की दिशा बदलती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट रूप से मामले को सीबीआई को हस्तांतरित करने की सिफारिश की गई है, जिससे अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि जांच जल्द ही केंद्रीय एजेंसी के हाथों में होगी।

दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम में उस समय नया मोड़ आया जब मृतका त्विषा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। परिजनों ने स्थानीय जांच पर सवाल उठाते हुए मामले को किसी बाहरी एजेंसी को सौंपने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में अब गृह विभाग की अधिसूचना सामने आई है, जिसने सीबीआई जांच का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार की ओर से सीबीआई को इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं अपराध की प्रकृति, साक्ष्यों का विश्लेषण, संभावित दुष्प्रेरण (एबेटमेंट) और अन्य संदिग्ध परिस्थितियों की गहन जांच करने की अनुमति भी दे दी गई है। माना जा रहा है कि सीबीआई अब इस केस की नए सिरे से पड़ताल करेगी, जिससे अब तक सामने नहीं आए तथ्यों के उजागर होने की संभावना है। इस निर्णय से पीड़ित परिवार की निष्पक्ष न्याय की उम्मीदें भी और प्रबल हुई हैं।
गौरतलब है कि 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित बाग मुगलिया एक्सटेंशन में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू त्विषा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, लेकिन मृतका के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे दहेज हत्या करार दिया और कई गंभीर आरोप लगाए। इस मामले में पुलिस ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। वर्तमान में गिरिबाला सिंह जमानत पर रिहा हैं, जबकि उनके बेटे समर्थ सिंह को फरार बताया जा रहा है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। त्विषा शर्मा के परिजन शुरू से ही इस मामले की जांच राज्य से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग कर रहे थे। उन्होंने पोस्टमार्टम दिल्ली स्थित एम्स में कराने की भी मांग उठाई थी, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे। अब जब राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है, तो यह उम्मीद की जा रही है कि मामले में निष्पक्ष जांच के साथ-साथ कई अहम खुलासे भी सामने आ सकते हैं।






