- मुंबई शहर से बड़ा और न्यूयॉर्क शहर (778.2 वर्ग किमी) के लगभग बराबर है, सऊदी अरब के दम्माम में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का क्षेत्रफल।
- अक्टूबर 1999 में बनकर तैयार हुए 780 वर्ग किमी क्षेत्र के इस एयरपोर्ट में दो टर्मिनल और दो रनवे हैं। इस एयरपोर्ट को बनाने में करीबन 19000 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
- दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सऊदी अरब के दम्माम में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यह 780 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है, इस एयरपोर्ट पर साल में करीबन 1.2 करोड़ यात्रियों का आवागमन होता है।

अक्टूबर 1999 में संचालन के लिए तैयार हुआ सऊदी अरब का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्रफल के लिहाज़ से दुनिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा माना जाता है। करीब 780 वर्ग किलोमीटर में फैले इस विशाल एयरपोर्ट के निर्माण पर लगभग 2 अरब डॉलर (आज के हिसाब से करीब 19,000 करोड़ रुपये) की लागत आई थी। यहां दो टर्मिनल और दो रनवे मौजूद हैं, जो इसे अत्याधुनिक विमानन सुविधाओं से लैस बनाते हैं। सऊदी अरब के दम्माम शहर में स्थित यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की आवाजाही होती है। अपने विशाल आकार और उन्नत सुविधाओं के कारण यह एयरपोर्ट वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में जाना जाता है।

दरअसल, दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट केवल आकार में ही विशाल नहीं होते, बल्कि यात्री क्षमता और उड़ानों के संचालन के मामले में भी किसी छोटे शहर से कम नहीं होते। इन एयरपोर्ट्स में कई रनवे, आधुनिक टर्मिनल, मेट्रो कनेक्टिविटी, होटल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं मौजूद रहती हैं। ये हर साल करोड़ों यात्रियों और लाखों टन कार्गो को संभालते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन की रीढ़ का काम करते हैं। इनका डिज़ाइन इस तरह तैयार किया जाता है कि एक समय में कई विमान आसानी से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकें, जबकि यात्रियों को एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिले। आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते ये एयरपोर्ट न केवल परिवहन केंद्र होते हैं, बल्कि किसी भी देश की आर्थिक मजबूती और विकास का प्रतीक भी माने जाते हैं।

किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल 780 वर्ग किमी है, जो भारत के आगरा शहर (121 वर्ग किमी) से लगभग छह गुना बड़ा है और लगभग न्यूयॉर्क शहर (778.2 वर्ग किमी) के बराबर है। हालांकि, इस पूरे क्षेत्र में से केवल 36.8 वर्ग किमी हिस्से पर ही एयरपोर्ट की मुख्य इमारत बनी हुई है, जबकि शेष क्षेत्र में अन्य सहायक सुविधाएं विकसित की गई हैं। एयरपोर्ट परिसर में छह मंजिला यात्री टर्मिनल, अरामको के लिए विशेष टर्मिनल, शाही मेहमानों के लिए रॉयल पवेलियन, दो बड़े समानांतर रनवे और एक विशाल मस्जिद शामिल हैं। इस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 1983 में शुरू हुआ था और करीब 16 वर्षों में पूरा होकर 1999 में इसका उद्घाटन किया गया।

वर्तमान में इस एयरपोर्ट का संचालन दम्माम एयरपोर्ट्स कंपनी द्वारा किया जाता है। यहां 2015 में 39,500 वर्ग मीटर में फैली दो मंजिला कार्गो बिल्डिंग भी तैयार की गई, जिसकी सालाना क्षमता लगभग 94,000 टन माल ढुलाई की है। इस तरह किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल यात्री परिवहन बल्कि कार्गो संचालन के लिहाज से भी वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।






