पहले चरण में महिलाओं को मिलेंगे ₹ 3,000
प. बंगाल में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को ‘अन्नपूर्णा योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना को राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी सामाजिक कल्याण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

योजना के पहले चरण में राज्य की 28.25 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार द्वारा यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो। इस पहल के जरिए महिलाओं को अपने घरेलू खर्च, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार के शुरुआती अनुमान के अनुसार, अन्नपूर्णा योजना का लाभ भविष्य में करीब दो करोड़ महिलाओं तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल पहले चरण में सीमित संख्या में यानी 28.25 लाख महिलाओं को ही इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम राज्यभर में व्यापक स्तर पर किए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पॉल भी मौजूद रहीं। यह कार्यक्रम राज्य के सभी ब्लॉकों, नगरपालिकाओं और कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में वर्चुअल माध्यम से एक साथ आयोजित किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकी। उद्घाटन के तुरंत बाद प्रत्येक ब्लॉक और नगरपालिका में चयनित 100 लाभार्थियों को ‘अन्नपूर्णा योजना’ के स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इसी तरह कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में भी 100 महिलाओं को यह पत्र प्रदान किए गए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लाभार्थियों का चयन उपमंडल अधिकारियों (एसडीओ), ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) तथा नगरपालिका प्रशासन की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।

यह योजना भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में प्रमुख रूप से शामिल थी और अब इसे लागू कर दिया गया है। अन्नपूर्णा योजना को पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का विकल्प माना जा रहा है, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता दी जाती थी। नई योजना में इस राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जो महिलाओं के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत साबित हो सकती है। पात्रता की बात करें तो इस योजना का लाभ 25 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं उठा सकेंगी। योजना के लिए पंजीकरण कराने हेतु लाभार्थियों को 90 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके भीतर वे आवेदन कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, ‘अन्नपूर्णा योजना’ राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो उनके जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है।






