कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ये दोनों नेता अपने-अपने स्तर पर देश और दुनिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए करीब 5,000 करोड़ रुपये के दुरुपयोग का दावा किया, साथ ही नीट परीक्षा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। कार्यक्रम के दौरान अनुशासनहीनता करने वाले कार्यकर्ताओं को भी उन्होंने सख्त चेतावनी दी। बेंगलुरु में कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बीके हरिप्रसाद के पदभार ग्रहण समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप खुद को करीबी मित्र बताते हैं, लेकिन उनकी नीतियों का असर नकारात्मक रहा है। उन्होंने कहा कि जहां एक नेता देश को प्रभावित कर रहा है, वहीं दूसरा वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ा रहा है।

विदेश नीति और बढ़ती कीमतों पर सवाल
खरगे ने भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले भारत सभी देशों के साथ संतुलित संबंध रखता था, लेकिन वर्तमान सरकार की ‘मित्रता’ आधारित नीति ने देश को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। उन्होंने ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के साथ-साथ केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप
अयोध्या राम मंदिर निर्माण को लेकर खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए धन का पारदर्शी हिसाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जांच के लिए समय मांगे जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
नीट विवाद पर सरकार घिरी
नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर छात्रों के साथ अन्याय का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी की मांग का समर्थन करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। खरगे ने सुझाव दिया कि प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कर्नाटक के सीईटी मॉडल को अपनाया जाए और 12वीं के अंकों को भी महत्व दिया जाए।
कार्यकर्ताओं को अनुशासन का संदेश
कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं पर नाराजगी जताते हुए खरगे ने कहा कि पार्टी किसी व्यक्ति विशेष के इर्द-गिर्द नहीं चलती। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार कार्य किया है और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी हुई। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यों के हितों की अनदेखी की जा रही है।





