चुनाव एक लोकतांत्रिक देश का महत्वपूर्ण भाग है। चुनाव के द्वारा ही जनता अपने प्रतिनिधित्व को चुनती है और यह लोकतंत्र का एक उदाहरण है। आए दिन चुनाव को लेकर खबरें आ रही है। जब से बीजेपी की सरकार आई है यानी 2014 से, भारत में लोगों का नजरिया उनकी सोच सब में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। हम सब जानते हैं कि इन 10 सालों में काफी कुछ अच्छे कदम उठाए गए तो काफी ऐसे कदम भी थे जिससे भारत की जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन कहते हैं ना कि जब सक्सेस या सफलता मिलने वाली होती है तो उससे पहले कई मुसीबतें या यूं कह लीजिए की मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ता है ठीक उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस 10 साल के कार्यकाल में भी देखने को मिला। मान लीजिए यदि आज ही देश में लोकसभा के चुनाव हो जाए तो किस पार्टी की सरकार बनेगी? इस प्रकार के सवाल पूरे भारत में गूंज रहे हैं। कई सारे न्यूज़ चैनल ने इस प्रश्न को लेकर सर्वे किया और इस सर्वे में करीबन 90000 लोगों ने भाग भी लिया। आपको बता दे की सर्वे में लोगों ने साफ संदेश दिया है कि अगर देश में अभी चुनाव हो जाए तो बीजेपी की सरकार वापस बन जाएगी 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी सरकार को विपक्ष के गठबंधन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा वही मोदी सरकार 2.2 के कामकाज से भी 51 फ़ीसदी लोग संतुष्ट हैं।
क्या थी सर्वे से जुड़ी रिपोर्ट
जब इस सर्वे के द्वारा लोगों से पूछा गया कि वह अपने प्रतिनिधित्व के तौर पर किस देखना चाहते हैं तो इसके जवाब में लोगों ने इशारा किया कि वापस बीजेपी की सरकार बननी चाहिए, और भी अपने प्रतिनिधित्व के तौर पर नरेंद्र मोदी को देखना चाहते हैं। साथ ही इस सर्वे में लोगों से पूछा गया कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर मोदी के सामने खड़ा हो जाए तो इसे चुनावी नतीजे पर क्या असर पड़ेगा? तो इसके जवाब में भी 50 फ़ीसदी लोगों ने कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ेगा 14 फीस दी लोग मानते हैं कि काफी हद तक विपक्ष टक्कर दे सकता है तो वही 15 फ़ीसदी लोग का कहना है कि पहले विपक्ष एक झूठ तो हो वही 17 फ़ीसदी लोगों का कहना है कि चुनाव से पहले विपक्ष एक भी होगा और बीजेपी को टक्कर भी देगा। आपको बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के कामकाज से लोग काफी खुश हैं। करीबन 51 फीस थी लोगों का कहना है कि वह मोदी सरकार के सभी कदम व उनके द्वारा चलाए कार्यक्रमों से काफी संतुष्ट हैं। तो वहीं 21वीं साड़ी लोग उनकी कार्यशैली से खुश नहीं थे 16 फ़ीसदी लोगों का कहना है कि वह काफी हद तक संतुष्ट हैं तो वही 12 फ़ीसदी लोगों ने इसे औसत बताया। यह तो समाज का नियम है की कुछ लोग आपके कार्य से खुश होंगे तो कुछ उसका मजाक बनाएंगे। लेकिन भारत की अधिकतर जनता क्या चाहती है इससे काफी गहरा प्रभाव पड़ता है। इस सर्वे के द्वारा भारत की जनता का रुझान तो पता चल ही गया और वह अपने प्रतिनिधित्व के तौर पर नरेंद्र मोदी को तीसरी बार फिर सत्ता में देखना चाहती है।
मोदी सरकार की 9 सालों की यात्रा
सर्वे में अदानी मामले पर हो रही राजनीति को लेकर भी सवाल पूछा गया। इसके जवाब में 34 फ़ीसदी लोग इसे टारगेटेड प्रोपेगेंडा मानते हैं यानी सोची समझी साजिश। 16 फ़ीसदी लोग इसे इंटरनेशनल टूलकिट तो 1920 लोग इस देश के विरोध में देखते हैं। सर्वे के दौरान लोगों से पूछा गया कि वह भ्रष्टाचार पर सीबीआई और ई ऑक्शन को क्या मानते हैं? इसके जवाब में 49 प्रतिशत लोग इस शानदार काम मानते हैं तो वही 17 फ़ीसदी लोगों का कहना है कि पहले की सरकारी सोई रही कुछ लोग मानते हैं कि अब देश का पैसा वापस आ रहा है तो कुछ लोग इन कार्यों को गलत मानते हैं। आने वाले चुनाव में मोदी सरकार फिर सत्ता में वापस लौटेगी या नहीं यह सवाल पूरे देश में हाहाकार मचाए हुआ है। भारत की जनता का रुझान मोदी सरकार की तरफ देखने को मिल रहा है लेकिन इसका कारण मोदी सरकार के पिछले 9 सालों की यात्रा है और कुछ ऐसे कार्य हैं जिसे लोगों में यह भरोसा दिलाया कि भारत अब बदल रहा है।
नोटबंदी:– पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी का ऐलान किया। मोदी सरकार पहली ऐसी सरकार थी जिसने भारत में काला धन और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था और लोगों को एक अलग नजरिया प्रदान किया। हालांकि इस फैसले की विपक्षी दलों ने काफी आलोचना की थी लेकिन फिर भी यह निर्णय सफल कारगर हुआ।
जीएसटी:– मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देश में जीएसटी को लागू किया फुल स्टाफ जीएसटी अप्रत्यक्ष कर है माल और सेवा कर अधिनियम 29 मार्च 2017 को संसद में पारित किया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य देश में एक टैक्स सिस्टम को लागू करना था। मोदी सरकार का मानना था कि कई प्रकार के टैक्स देने से भ्रष्टाचार भी बहुत अधिक बढ़ता है एक कर भारत को एकजुट बनाकर रख सकता है।
तीन तलाक कानून:– मोदी सरकार के 2.0 के सबसे अहम फसलों में तीन तलाक को अपराधिकृत करना है। संसद में तीन तलाक विधेयक को पारित करवा कर सरकार ने तीन तलाक की शिकार महिलाओं को बड़ी राहत दी। तीन तलाक कानून को मुस्लिम महिला अधिनियम 2019 भी कहा जाता है और इस तीन तलाक विधायक को 1 अगस्त 2019 को संसद में पारित किया गया। तीन तलाक कानून को लागू करने का उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने और इस प्रथा पर रोक लगाना था। मोदी सरकार की सोच ने इस पर काफी गहरा प्रभाव डाला और आज मुस्लिम महिलाओं को भी तीन तलाक जैसे कानों से राहत मिल गई। इस प्रकार मुस्लिम महिलाओं का वोट सरकार अपनी तरफ आकर्षित कर चुकी हैं।
सर्जिकल स्ट्राइक:– पीएम मोदी के सबसे बड़े फसलों में सर्जिकल स्ट्राइक को शामिल करना जरूरी है। भारत सरकार ने 29 सितंबर 2016 को घोषणा की की उसके पोक में नियंत्रण रेखा के पर सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादी लॉन्च पार्ट को नष्ट कर दिया और बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए। भारत ने पूरी हमले का बदला लेने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की थी। मोदी सरकार की इस कदम ने भारत वासियों का खूब समर्थन प्राप्त किया।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करना :– मोदी सरकार के सबसे बड़े फसलों में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करना है। अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ ही सरकार ने जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा समाप्त कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। इसके अलावा लद्दाख भी एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को विशेष अधिकार प्राप्त थे और सांसद रक्षा विदेश और संचार मामलों के अलावा राज्य के लिए कोई कानून नहीं बना सकते थे। भाजपा ने 2019 लोकसभा चुनाव के अपने संकल्प पत्र में अनुच्छेद 370 को हटाने का वादा किया था और सत्ता में आते ही या एक बड़ा कदम उठाया गया। हालांकि भाजपा सरकार के इन कदमों की काफी आलोचना हुई काफी विरोधों का सामना करना पड़ा लेकिन आज यदि जम्मू कश्मीर के चित्र को देखेंगे तो आपको यकीन ही नहीं होगा या वहीं जम्मू कश्मीर है, जिसकी हालत कुछ समय पहले तब बेहाल थीं।
मोदी सरकार के अन्य निर्णय में नागरिकता संशोधन अधिनियम, रेल बजट का आम बजट में विलय होना, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मन निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, साथ ही महिला आरक्षण बिल सम्मिलित है। प्रधानमंत्री ने जन धन योजना, पीएम गरीब कल्याण योजना, पीएम आवास योजना, हर घर जल योजना, डिजिटल इंडिया स्मार्ट सिटी और नमामि गंगे योजना, की भी सौगात देशवासियों को दी उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती दी गरीबों को फ्री राशन देने का भी फैसला किया, इसके अलावा उन्होंने वंदे भारत ट्रेन और नए संसद भवन की सौगात भी लोगों को दी। कुल मिलाकर मोदी सरकार ने भारत की जनता को एक नया नजरिया, नए सपने, नई सोच प्रदान की। यदि हम 10 साल पहले के भारत और अभी वर्तमान समय के भारत की तुलना करें तो पाएंगे कि भारत का स्तर काफी ऊपर उठ चुका है। आज अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में हर देश के मुख पर भारत का नाम सुनने को मिलता है और यह उपलब्धि बहुत बड़ी है।





