चॉकलेट

चॉकलेट एक ऐसी चीज़ जिसका नाम सुनते ही मुँह में पानी आ जाना लाज़मी है। बच्चे-बडे बूढे-जवान हर वर्ग में चॅाकलेट के लिए प्रेम अतुल्य है। चॉकलेट अपने आप में तो एक चीज़ है ही, इसका इस्तेमाल और भी कईं चीजे़ं जैसे केक, आइस-क्रीम, पुडिंग व कैंडीज़ बनाने में होता है। यह कोको बीन, चीनी और दूध से बनती है, इसलिए चॉकलेट का स्वाद मीठा होता है। 

चॉकलेट के प्रकार

चॉकलेट तीन प्रकार की होती हैं। व्हाइट चॉकलेट, मिल्क चॉकलेट और डार्क चॉकलेट। व्हाइट चॉकलेट मिल्क चॉकलेट और डार्क चॉकलेट की तुलना में अधिक मीठा होता है, और कोकोआ मक्खन से बनी होती है। डार्क चॉकलेट कम मीठी होती है और 60 से 85 प्रतिशत कोको से बनी होती है इसलिए इसका स्वाद सबसे कडवा होता है।

फायदे

चॉकलेट रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। चॉकलेट कुछ ऐसे रसायनों और फ्लेवोनोइड्स से भरपूर होती है जो ना सिर्फ हृदय रोग के जोखिमों को कम करते हैं परंतु कैंसर से भी बचाव करते हैं। यह बढ़ती उम्र तथा कई अन्य बीमारियों को भी रोकती है। चॉकलेट शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है और गठिया जैसी बिमारी से भी शरीर का बचाव करती है।यह बच्चों की मानसिक और शारीरिक वृद्धि के लिए भी लाभकारी है। वैज्ञानिक के अनुसार, यह मनोवैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ाने में मददगार है और लोगों को सक्रिय बनाती है। यह तांबे और मैग्नीशियम मे समृद्ध होती है इसलिए यह एनीमिया को रोकती है और हड्डियों को मजबूत करती है।यह रक्त के थक्कों को भी रोकती है। यह ब्लड प्लेटलेट्स को गिरने से रोकता है।

एक क्लासिक चॉकलेट निश्चित रूप से मन को तृप्त कर सकती है, इसमे ट्रिप्टोफैन नामक एक रसायन होता है जो मस्तिष्क को अच्छी तरह से काम करने में मदद करता है और उत्साह या उत्साह की भावना पैदा करता है। इसके अलावा, इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो चाय तथा वाइन में भी पाए जाते हैं। वर्तमान अध्ययनों ने साबित किया कि यह उम्र के साथ होने वाली तंत्रिका गतिविधियों की गिरावट को धीमा करता है। यह गुर्दे की पथरी और एनीमिया के उपचार मे भी मदद का संकेत देती है।

हम में से कई चॉकलेट प्रेमी जानते हैं कि चॉकलेट में फ्लेवनॉल होता है। यह यौगिक धमनियों के बंद होने से बचाता है। फ्लेवनॉल सनबर्न से बचाने में भी मदद करता है।

नुकसान

चॉकलेट खाने से कई तरह के नुकसान होते हैं, पोषण संबंधी मुद्दों के अलावा जो आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। 

चॉकलेट के अधिक मात्रा में सेवन से अवांछित वजन बढ़ेगा जो कई बीमारियों की जननी है।चॉकलेट का रोजाना सेवन दांतों को नुकसान पहुंचाएगा। इससे टाइप 2 मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।इसमें वासोएक्टिव एमाइन होता है जो माइग्रेन की समस्या का कारण बनता है। इसमें कैफीन, थियोब्रोमाइन जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक होते है। 

एक बार में बहुत अधिक चॉकलेट खाना शरीर के लिए अच्छा नहीं है। व्यक्ति को चॉकलेट के सेवन के लिए प्रति सप्ताह अधिकतम 7 औंस या दिन में औसतन 1 औंस लेने की सलाह दी जाती है। 

चॉकलेट खाने के नुकसान के बीच यह न केवल कुल वसा में उच्च है, बल्कि संतृप्त वसा में उच्च है। संतृप्त वसा “खराब” एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के आपके स्तर को बढ़ा सकती है। अगर आप इसे अधिक खाते हैं तो चॉकलेट का आपके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। चॉकलेट विटामिन का एक महत्वपूर्ण स्रोत नहीं है और कैल्शियम के दैनिक सुझाए गए सेवन का केवल 8 प्रतिशत और लोहे के दैनिक-सुझाए गए सेवन का 2 प्रतिशत प्रदान करता है।

ज्यादातर लोग आइसक्रीम, केक और कैंडी में चॉकलेट बहुत पसंद करते हैं, लेकिन बड़ी मात्रा मे चॉकलेट की दैनिक खपत हमारे शरीर के लिए हानिकारक है। इसलिए चॉकलेट का सदैव संतुलित मात्रा मे ही सेवन करें।

विशिखा मीडिया

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