पहले के समय में लोग शरीर में मोटापा बढ़ने को स्वास्थ्य और ताकत की निशानी मानते थे, लेकिन असलियत में मोटापा कई बीमारियों की जड़ है। खासकर आज के दौर में बहुत से लोग मोटापे से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें फैटी लिवर, लिवर की अन्य बीमारियाँ, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है।
अमेरिका की एक हेल्थ वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में हुई रिसर्च से यह साबित हुआ है कि केवल वजन कम करने से ही प्री-सिरोसिस जैसी स्थिति को उलटा जा सकता है। प्री-सिरोसिस वह स्थिति है जो आगे चलकर लिवर डैमेज, लिवर कैंसर और मृत्यु के जोखिम को बढ़ा सकती है। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि साल 2021 में किए गए अध्ययनों के रिव्यू में यह पाया गया कि जिन लोगों ने अपने शुरुआती वजन का लगभग 10% घटाया, उनमें से 85% से 90% लोगों का वजन एक साल के भीतर सामान्य हो गया। वजन घटाने के कई तरीके हैं, लेकिन सबसे स्वस्थ और प्रभावी तरीका है अपने खान-पान पर नियंत्रण रखना। वजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी ही आपकी आधी से अधिक समस्या हल कर देती है। इसके अलावा यह भी महत्वपूर्ण है कि आप कितनी बार, कितनी मात्रा में और किस समय भोजन करते हैं। रोज़ाना की शारीरिक गतिविधि यानी दिनभर में सक्रिय रहना भी वजन को प्रभावित करता है। यदि आप हेल्दी डाइट के साथ नियमित रूप से वॉक, जॉगिंग, साइकिलिंग, तैराकी या योग जैसी एक्सरसाइज करते हैं, तो आसानी से अपना वजन कम कर सकते हैं।
संक्षेप में, अगर आप फैटी लिवर जैसी बीमारी के खतरे से बचना चाहते हैं या इससे जूझ रहे हैं, तो तुरंत अपना वजन नियंत्रित करने पर ध्यान दें। इससे फैटी लिवर की बीमारी को उलटा किया जा सकता है। लिवर हमारे शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, यह खून को साफ करता है, टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है, पाचन में मदद करता है और संक्रमण से लड़ने में भी शरीर की सहायता करता है। इसलिए हमेशा अपने लिवर की सेहत का ख्याल रखना आवश्यक है।
शरीर का वजन कम करने से दूर रहेंगी लिवर की बीमारियां





