दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए खास तोहफा दिया है। सरकार ने ग्रुप ‘सी’ और नॉन-गजेटेड ग्रुप ‘बी’ के कर्मचारियों को 30 दिनों के वेतन के बराबर एडहॉक बोनस देने की घोषणा की है। त्योहारों के इस उत्सव भरे माहौल में केंद्र का यह फैसला लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के चेहरों पर मुस्कान ले आया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन कर्मचारियों को 30 दिनों के वेतन के बराबर नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) मिलेगा। इस बोनस की अधिकतम राशि ₹6,908 तय की गई है, जो सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। दशहरा और दिवाली से ठीक पहले आया यह फैसला सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
बोनस की गणना कैसे होगी?
कर्मचारी संगठनों ने मोदी सरकार की इस घोषणा का स्वागत किया है। स्टाफ साइड ऑफ नेशनल काउंसिल (जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) के प्रतिनिधियों और वित्त मंत्रालय के बीच चर्चा के बाद इस बोनस को मंजूरी दी गई। बोनस की गणना अधिकतम ₹7,000 के मासिक वेतन (जिसमें मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल है) के आधार पर होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का वेतन ₹7,000 है, तो उसे ₹6,908 (राउंड ऑफ) की राशि बोनस के रूप में मिलेगी। यह लाभ न केवल केंद्रीय मंत्रालयों के कर्मचारियों को बल्कि अर्धसैनिक बलों (जैसे CRPF, BSF) और केंद्र शासित प्रदेशों के पात्र कर्मियों को भी मिलेगा।
कौन होंगे पात्र?
हालांकि यह बोनस लाखों कर्मचारियों के लिए है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
• सेवा अवधि: वित्त वर्ष 2024-25 में कम से कम 6 महीने की नियमित सेवा अनिवार्य है।
• सेवा में स्थिति: 31 मार्च 2025 तक सेवा में बने रहना जरूरी है। रिटायरमेंट, इस्तीफा या निधन की स्थिति में केवल 6 महीने की सेवा पूरी करने वाले ही पात्र होंगे।
• अनुपस्थिति सीमा: पूरे वर्ष में अनधिकृत अनुपस्थिति 10 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए।
• अन्य: डेपुटेशन पर तैनात कर्मचारियों को बोनस उनकी वर्तमान संस्था से मिलेगा।
इन शर्तों को पूरा न करने वाले कर्मचारी बोनस के पात्र नहीं होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 15 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा।






