
अधिकांश महिलाओं और बच्चों में बढ़ रहे हैं एनीमिया के मामले
दिल्ली में विटामिन डी और आयरन की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। अनुमान के मुताबिक राजधानी की करीब 70 से 90 प्रतिशत आबादी इस कमी से प्रभावित है। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है, जहां एनीमिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि धूप से दूरी बनाना और जंक फूड पर बढ़ती निर्भरता लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। थकान, कमजोरी और चक्कर जैसे लक्षणों को अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
डॉक्टरों के अनुसार महिलाओं में आयरन की कमी का मुख्य कारण पोषण की कमी, अनियमित खानपान और गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त देखभाल न होना है। वहीं बच्चों में मोबाइल और इनडोर गतिविधियों की वजह से धूप में कम समय बिताना विटामिन डी की कमी को बढ़ा रहा है। इसका असर हड्डियों की मजबूती, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पढ़ाई में एकाग्रता पर भी पड़ रहा है। विटामिन डी और आयरन की कमी से जुड़े कई बार मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं, जब उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी होती है और उन्हें दवाइयों के साथ लंबे इलाज की जरूरत पड़ती है। डॉक्टरों के मुताबिक, लोग धूप से बच रहे हैं और घर का संतुलित भोजन कम ले रहे हैं, जिससे यह समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है।







