भारत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के कारण चौतरफा आलोचनाओं का सामना कर रहे मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू रविवार की रात चीन की यात्रा पर निकल गए हैं। इस यात्रा के दौरान मुइज्जू चीन के राष्ट्रपति शी जीनपिंग से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेता अपने देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। बता दें कि मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू को चीन का काफी करीबी माना जाता है। हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें चीन का समर्थन हासिल था। यह यात्रा मालदीव के निकटतम पड़ोसी और पर्यटन के एक महत्वपूर्ण स्रोत भारत के साथ राजनयिक विवाद की पृष्ठभूमि में हो रही है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों का मुद्दा भारतीय उच्चायोग द्वारा उठाए जाने के बाद रविवार को मालदीव सरकार द्वारा तीन मंत्रियों को निलंबित कर दिया गया था।
इन मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। इससे पहले मालदीव सरकार ने टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए इसे संबंधित सांसदों के निजी विचार करार दिया था, और कहा था, कि ये सरकार का आधिकारिक रुख नहीं है। मालदीव के तीन मंत्रियों ने मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के बाद ‘एक्स’ पर उनकी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि नई दिल्ली इस केंद्र शासित प्रदेश को मालदीव के वैकल्पिक पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने का प्रयास कर रही है।
मालदीव के स्थानीय मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि युवा मंत्रालय में उप मंत्रियों मालशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महज़ूम माजिद को निलंबित कर दिया गया है। यह विवाद ऐसे समय शुरू हुआ, जब राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू एक सप्ताह की चीन यात्रा पर रवाना हुए हैं। मालदीव के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘मालदीव की सरकार विदेशी नेताओं और उच्च पदस्थ लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया मंचों पर की गई अपमानजनक टिप्पणियों से अवगत है। ये विचार व्यक्तिगत हैं और मालदीव की सरकार के उनके विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।’’
आपको बता दें कि मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। मुइज्जू चीन के समर्थक माने जाते हैं। करीब 2 माह पहले मालदीव के राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने भारतीय सेना को अपने देश से हटाने का पहला फैसला किया। उन्हें अक्सर भारत विरोधी बयान देने के लिए जाना जाता है। मुइज्जू ने मालदीव सरकार की परंपरा तोड़ते हुए दो मुस्लिम देशों की यात्रा का निश्चय कर भारत के साथ अपने संबंधों को और खराब कर लिया। मुइज्जू ने पहले मुश्लिम देश तुर्की की यात्रा करने के बाद भारत को दरकिनार करते हुए अब 8 जनवरी से चीन की यात्रा को प्राथमिकता दी है।



