अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर सियासी हलचल तेज है। राम मंदिर उद्घाटन के निमंत्रण को लेकर नेताओं में घमासान मचा हुआ है। ट्रस्ट की ओर से राजनीतिक दलों के मुख्य नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि हमें निमंत्रण नहीं मिला है। इस मामले पर एक बार फिर अखिलेश यादव ने बयान दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि मैं इनको नहीं जानता। हम उनको ही निमंत्रित करते हैं। जिनको जानते हैं और उनसे ही निमंत्रण लेते हैं। जब भगवान बुलाएंगे तब हम जायेंगे। अखिलेश यादव की इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, “राम नाम से इतना बैर ठीक नहीं है अखिलेश यादव जी। जाते या ना जाते निमंत्रण तो ना ठुकराते” सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार हिंदू विरोधी टिप्पणी करते आ रहे हैं। उनके द्वारा की गयी टिप्पणियों से सनातन धर्म को मानने वाले लोग आहत हैं, लेकिन अब तक अखिलेश यादव की ओर से उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अखिलेश यादव ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को अपना भगवान बताया है। वहीं दूसरी ओर सपा दफ्तर के बाहर भगवान राम की होर्डिंग लगा है इसमें अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की तस्वीर है और लिखा हुआ है, हमारे आराध्य प्रभु श्रीराम आ रहे हैं। इस होर्डिंग को सपा युवजन सभा के पूर्व सचिव आशुतोष सिंह ने लगाया है। इसमें अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगी हुई है।
बता दें अखिलेश यादव ने कहा था कि बीजेपी सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। किसी का कोई भगवान हो, हमारा भगवान तो पीडीए है। उन्होंने कहा कि आजम खान और इरफान सोलंकी पर गलत मुकदमे लगाये गये हैं। आने वाले समय में हम लोग बीजेपी को सबक सिखायेंगे। यूपी में मेट्रो समाजवादी की देन है। देश का गरीब और किसान खुशहाल नहीं है। किसान की आय दोगुनी नहीं हुई है। यूपी में हर स्तर पर लूट है और किसी की सुनवाई यूपी में नहीं हो रही है। बीजेपी आरएसएस का प्रचार कर रही है।




