नई दिल्ली: कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को फैसलों की जानकारी दी। गुरुवार को केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी। यह आयोग अपनी सिफारिशें 2026 से लागू करेगा। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सातवां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, जिसकी सिफारिशें 2026 तक जारी रहेंगी। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था, जिससे करीब 1 करोड़ लोगों को लाभ मिला था। हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। संभावना है कि मोदी सरकार 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू करेगी, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन और पेंशन बढ़ेगी।
8वें वेतन आयोग से जुड़े सवाल-जवाब
सवाल: 8वें वेतन आयोग से सैलरी पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब: हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू होता है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होगा, और 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होगा।
इस आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 1.92 होगा। उदाहरण के लिए, लेवल-1 कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, जो बढ़कर 34,560 रुपये हो सकती है। वहीं, लेवल-18 (कैबिनेट सचिव स्तर) के अधिकारियों की बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 4.8 लाख रुपये तक हो सकती है।
सवाल: 8वें वेतन आयोग से पेंशन पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब: अगर जनवरी 2026 में 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो न्यूनतम वेतन 34,560 रुपये होगा। इस आधार पर, लेवल-1 कर्मचारी की पेंशन उसकी बेसिक सैलरी का 50%, यानी 17,280 रुपये + महंगाई राहत (DR) होगी।
वहीं, लेवल-18 के कर्मचारियों की पेंशन उनकी बेसिक सैलरी का 50%, यानी 2.40 लाख रुपये + DR होगी। हालांकि, प्रमोशन और अन्य कारणों से वास्तविक पेंशन इससे अधिक होगी।





