जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसमें 70 सांसदों का समर्थन है। संसद में जारी हंगामे के बीच विपक्ष ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ एकजुट होकर यह कदम उठाया। प्रस्ताव राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को 1 बजकर 37 मिनट पर सौंपा गया, जिसमें सपा, टीएमसी और आप समेत इंडिया गठबंधन के सदस्य शामिल हैं।
पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, अगस्त में भी राज्यसभा के सभापति और विपक्षी नेताओं के बीच टकराव हुआ था। उस समय विपक्ष ने 20 सांसदों का समर्थन जुटाया था, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस बार संविधान के आर्टिकल 67(b) के तहत उपराष्ट्रपति को पद से हटाने की मांग करते हुए प्रस्ताव पेश किया गया। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश और टीएमसी के नदीम उल हक व सागरिका घोष ने यह प्रस्ताव सौंपा। विपक्ष का आरोप है कि जगदीप धनखड़ राज्यसभा की कार्यवाही पक्षपातपूर्ण तरीके से चला रहे हैं। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर चेयरमैन पर विपक्ष को बोलने से रोकने और ट्रेजरी बेंच को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने एक दिन पहले का उदाहरण देते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने से रोका गया, जबकि ट्रेजरी बेंच के सदस्यों को मौका दिया गया। विपक्षी दलों ने इसे पक्षपातपूर्ण रवैया करार दिया है।
उपराष्ट्रपति के खिलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर 70 सांसदों का समर्थन





