क्या यूपी में बदल रहे है “इंडिया गठबंधन” के समीकरण?

कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी का साथ चाहती है। कांग्रेस के नेता शुरुआत से ही यह कहते रहे हैं कि मायावती की पार्टी के लिए हमारे दरवाजे अंतिम समय तक खुले हुए हैं। अब कांग्रेस के यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा है कि हम सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं, चाहे वह सपा हो, बसपा हो या किसी और दल के, उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी के खिलाफ सभी दल मिलकर लड़ें। अविनाश पांडेय ने अखिलेश यादव को परिपक्व नेता बताया और कहा कि वह उत्तर प्रदेश का नेतृत्व कर चुके हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी का एहसास है कि अगर बीजेपी को हराना है तो सभी दलों को साथ आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर बसपा चाहती है कि बीजेपी को हराया जाए तो उसे भी फैसला लेना होगा। कांग्रेस चाहती है, कि यूपी में बसपा भी साथ आए। दूसरी तरफ हाथी के नाम पर समाजवादी पार्टी अनजान बन रही है। सपा और बसपा के नेताओं में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। वहीं, मायावती ने गेस्टहाउस कांड का जिक्र करते हुए सपा से खतरा बताते हुए यूपी सरकार से सुरक्षा मांगी है। मायावती ने कहा कि सपा के लोग  अराजकता फैला सकते हैं। इसे लेकर बीजेपी ने भी सपा पर हमला बोल दिया है। यूपी की सत्ताधारी पार्टी ने सपा को गुंडा और समाप्तवादी पार्टी बताया है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि मायावती खुद कह रही है कि समाजवादी पार्टी से खतरा है। समाजवादी पार्टी गुंडागर्दी कभी नहीं छोड़ सकती हैं।

मायावती ने 8 जनवरी को एक्स पर पोस्ट करते हुए सपा को पिछड़ा और दलित विरोधी पार्टी बताया था। मायावती ने अपने पोस्ट में यह भी कहा था कि पिछले लोकसभा चुनाव में सपा से गठबंधन कर इनके दलित-विरोधी चाल, चरित्र और चेहरा बदलने का प्रयास किया लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद सपा फिर से अपने दलित-विरोधी जातिवादी एजेंडे पर आ गई। अब सपा मुखिया जिससे भी गठबंधन की बात करते हैं उनकी पहली शर्त बसपा से दूरी बनाए रखने की होती है। मायावती ने गेस्टहाउस कांड का जिक्र करते हुए भी सपा को घेरा था, और यह भी कहा था कि सपा ने दलित-विरोधी कई फैसले लिए हैं। जिनमें बसपा के यूपी स्टेट ऑफिस के पास ऊंचा पुल बनाने का कृत्य भी है जहां से षड्यन्त्रकारी अराजक तत्व पार्टी दफ्तर, कर्मचारियों और राष्ट्रीय प्रमुख को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं जिसकी वजह से पार्टी को वहां से महापुरुषों की मूर्तियां हटाकर पार्टी प्रमुख के निवास पर रखनी  करनी पड़ीं।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी से अपनी सुरक्षा को खतरा बताया है। बीएसपी सुप्रीमो ने सपा सरकार में कई दलित विरोधी फैसले लिए गए, जिनमें बीएसपी स्टेट ऑफिस के पास ऊंचा पुल बनाने का काम भी है, जहां से षड्यंत्रकारी अराजक तत्व पार्टी दफ्तर और कर्मचारियों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मायावती की सुरक्षा को लेकर लेखी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि योगी जी ने बहुत सारे गुंडों को ठिकाने लगाया है, इन्हें भी ठिकाने लगा देंगे। उन्होंने कहा, “मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती। किसी की जान को खतरा है और वो जिस क्षेत्र में रहता है, वहां की पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी।” केंद्रीय मंत्री से जब पूछा गया कि बीएसपी सुप्रीमो ने योगीजी से सुरक्षा की गुहार लगाई है, तो इस पर उन्होंने कहा, “योगी जी जरूर सुनेंगे, योगीजी ने कई गुंडों को ठिकाने लगाया है। वहीं यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि मायावती जी ने स्वयं कहा है कि उन्हें समाजवादी पार्टी से खतरा है। समाजवादी पार्टी गुंडागर्दी कभी नहीं छोड़ सकती। माफियाओं का साथ नहीं छोड़ सकती। अपराधियों के विरुद्ध कभी खड़ी नहीं हो सकती है।

इससे पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि राज्य की बीजेपी सरकार मायावती की सुरक्षा को लेकर संकल्पित है। केशवमौर्य ने कहा, “मायावती उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री हैं, तथा बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। भाजपा की प्रदेश सरकार उनकी सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है. फ्लाईओवर बनाने की जो शिकायत है वह समाजवादी पार्टी की सरकार के समय बनाया गया। समाजवादी पार्टी ने सदैव दलित, पिछड़ा, गरीब, महिलाओं, किसानों के विरोध में कार्य किया है। बहन मायावती को गेस्ट हाउस कांड के समय भी जीवित नहीं छोड़ने की स्थिति थी। भाजपा ने उन्हें बचाने के लिए लड़ाई लड़ी।”

विशिखा मीडिया

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