22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। निर्माणाधीन भव्य और दिव्य मंदिर में अराध्य प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर मुख्य यजमान शामिल होंगे। इससे पहले हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। प्रतिभा सिंह ने प्रधानमंत्री के काम को सराहनीय बताया। हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है। राजीव भवन में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान प्रतिभा सिंह ने कहा कि हिमाचल में 98 फीसदी आबादी हिंदू हैं। हम सभी की आस्था श्रीराम पर है। हम इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का भी आमंत्रण मिला है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि सभी यह अच्छे से जानते हैं कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की मंदिरों के प्रति भारी आस्था थी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में सभी मंदिरों के विकास के लिए काम किया। प्रतिभा सिंह ने कहा कि वह चाहती हैं कि धर्म आगे बढ़े। प्रतिभा सिंह ने राम मंदिर निर्माण को सभी के लिए सौभाग्य की बात कही। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काम सराहनीय है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है और धर्म अपनी जगह। प्रतिभा सिंह ने कहा कि इसमें किसी को कोई संशय नहीं होना चाहिए। जो लोग धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम देवी-देवताओं से जुड़े हुए लोग हैं। बता दें कि इससे पहले हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के बेटे और हिमाचल सरकार में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राम लला की प्रतिष्ठा प्राण प्रतिष्ठा में मिले आमंत्रण के लिए राष्ट्र स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद का आभार व्यक्त किया था।
कांग्रेस के आमंत्रण ठुकराने के इस फैसले पर भाजपा ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी ने निमंत्रण अस्वीकार करके कुछ भी नया नहीं किया है, क्योंकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हिंदुओं और सनातन धर्म का ‘अपमान’ कर रहे हैं। बीजेपी ने दावा किया कि कांग्रेस को अपने फैसले के लिए भारत के लोगों से ‘बहिष्कार’ का सामना करना पड़ेगा। गत 8 जनवरी को प्रतिभा सिंह के बेटे और हिमाचल सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि वह अयोध्या में राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। विक्रमादित्य सिंह ने कहा था, ‘यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और मैं हिमाचल प्रदेश से आमंत्रित कुछ लोगों में शामिल होने के लिए खुद को भाग्यशाली मानता हूं।





