बांदा जेल में बंद पूरब के माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। मुख्तार की मौत के बाद पूरे यूपी में अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। उधर दूसरी ओर मुख्तार के बेटे उमर अंसारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि उनके पिता का पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से कराया जाए। अपने पत्र में अंसारी ने लिखा है कि उनके परिवार को बांदा की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। मुख्तार अंसारी के परिवार ने आरोप लगाया है कि बांदा जेल में दोपहर के खाने में जहर दिया गया। शासन प्रशासन उसकी हत्या कराना चाहता था। जिसके बाद अब मुख्तार अंसारी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। कासगंज जेल में बंद बाहुबली विधायक अब्बास की पत्नी निकहत ने ससुर मुख्तार की मौत से एक दिन पहले अपने पति से मुलाकात की थी। करीब तीस मिनट तक दोनों की बात हुई। उधर जब मुख्तार की मौत की खबर मिली तो उनका पूरा परिवार अब्बास की पैरोल के लिए इलाहबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है।
मुख्तार अंसारी की मौत पर CPI (M) नेता बृंदा करात ने कहा, उनकी मौत हिरासत में हुई है और मौत होने से पहले उन्होंने कई बार बताया कि उन्हें धीमे-धीमे जहर दिया जा रहा है। निश्चित तौर पर ये बहुत संदिग्ध परिस्थिति है जिसमें उनकी मृत्यु हुई। कोई अगर डॉन है और उसके खिलाफ बहुत सारे मामले दर्ज हैं तो न्याय की प्रक्रिया के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। मुख्तार अंसारी की मौत पर JDU नेता के.सी. त्यागी ने कहा कि मुख्तार अंसारी एक आपराधिक प्रवृत्ति के नेता थे। दुर्भाग्य से वे लोकसभा और विधानसभा के भी सदस्य रह चुके थे। उनकी मृत्यु ने पूर्वांचल की राजनीति में काफी उथल-पुथल की है। सपा को इसे अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाना चाहिए नहीं तो चुनाव में समाजवादी पार्टी को भारी नुकसान होगा।
मुख्तार अंसारी की मौत पर भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने कहा कि मैं क्या कह सकती हूं? यह भगवान का आशीर्वाद है। मैं न्याय के लिए प्रार्थना करती थी और आज न्याय मिल गया है। हमें उस घटना (हत्या) के बाद कभी होली नहीं मनाई, मुझे लगा कि आज हमारे लिए होली है। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय कहते हैं, मुझे और मेरी मां को बाबा विश्वनाथ और बाबा गोरखनाथ का आशीर्वाद मिला है। मुख्तार अंसारी की मौत पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आ रही हैं। अखिलेश यादव, मायावती समेत कई नेताओं ने मुख्तार की मौत की जांच की मांग की है। मुख्तार अंसारी की मौत पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मौत और हत्या का फर्क मिट गया है। मौत और हत्या का फर्क जब मिट जाए तो अराजकता होती है। मुख्तार अंसारी की मौत पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि लोग जो संदिग्ध मौत की बात कहते हैं, वो जांच का विषय है। जांच में सत्यता के आधार पर बयान करना चाहिए। आज के दिन विज्ञान पर भरोसा करना चाहिए। फॉरेंसिक रिपोर्ट पर ही विश्वास किया जा सकता है। किसी की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “हर हाल में और हर स्थान पर किसी के जीवन की रक्षा करना सरकार का सबसे पहला दायित्व और कर्तव्य होता है। सरकार पर किसी भी हालात में, किसी बंधक या क़ैदी की मृत्यु होना, न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठा देगा, सभी संदिग्ध मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए। सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह ग़ैर क़ानूनी हैं। जो हुकूमत जिंदगी की हिफ़ाज़त न कर पाये उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक़ नहीं। उप्र ‘सरकारी अराजकता’ के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ये यूपी में ‘क़ानून-व्यवस्था का शून्यकाल है।





