मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार 1984 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 15 मई 2022 में 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कार्यभार संभाला था। उन्हें एक सितंबर, 2020 को चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खतरे की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हथियारबंद कमांडो से लैस जेड श्रेणी की वीआईपी सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया है। खुफिया एजेंसियों की ओर से जारी किए गए अलट के बाद यह कदम उठाया गया है। चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों की मानें तो राजीव कुमार के खिलाफ दुश्मन देश साजिश रचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद ही उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को 40-50 कर्मियों की एक टुकड़ी उपलब्ध कराने को कहा है। यह कदम लोकसभा चुनाव के शुरू होने से पहले उठाया गया है। दरअसल, देशभर में सात चरणों में 19 अप्रैल से मतदान शुरू होगा। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर तैयार की गई रिपोर्ट में सीईसी को खतरा बताया गया और रिपोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए कड़ी सुरक्षा की सिफारिश की गई थी। अब सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद देशभर में यात्रा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।। बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार 1984 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 15 मई 2022 में 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर कार्यभार संभाला था। उन्हें एक सितंबर, 2020 को चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था।
Related Posts
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया सूरत डायमंड एक्सचेंज का उद्घाटन
मिलिंद देवड़ा बोले, “यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा, अगर महाराष्ट्र हीरा उद्योग खो देता है” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सूरत डायमंड एक्सचेंज के उद्घाटन के बाद कांग्रेस…
बजट 2024 : बजट में शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने के बाद मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 पेश की. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल…
शिवराज सिंह चौहान बन सकते हैं भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष, संघ की भी पसंद
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा…
विशिखा मीडिया
विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया।
विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है।
विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें।
विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है।
पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता।
विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।




