नीट-यूजी परीक्षा को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के घर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक

बैठक में शिक्षा विभाग, एनटीए और सीबीएसई के कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आधिकारिक आवास पर गुरुवार देर शाम नीट-यूजी परीक्षा को पुनः आयोजित कराने के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें उच्च शिक्षा सचिव, स्कूली शिक्षा सचिव, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक तथा सीबीएसई की चेयरपर्सन प्रमुख रूप से शामिल रहीं।

देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा नीट-यूजी को रद्द किए जाने के बाद केंद्र सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने पुनः परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। यह खबर विशेष रूप से उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए अहम है, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं।

बैठक बुलाने की पृष्ठभूमि
हाल ही में नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और अन्य गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली थी। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। इसी संदर्भ में नई परीक्षा की रूपरेखा तैयार करने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई।

दोबारा परीक्षा की रणनीति पर मंथन
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रद्द की गई परीक्षा को नए सिरे से सुव्यवस्थित और विश्वसनीय तरीके से आयोजित करने की रणनीति तैयार करना था। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि आगामी परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। बैठक में अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े और प्रभावी उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। परीक्षा केंद्रों की निगरानी बढ़ाने, प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए उन्नत तकनीकी उपायों को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

प्रमुख अधिकारियों की भागीदारी
इस अहम बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह, सीबीएसई चेयरपर्सन तथा केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति के आयुक्तों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

नई परीक्षा तिथि की घोषणा
एनटीए ने नीट-यूजी की पुनः परीक्षा की तारीख घोषित करते हुए बताया है कि अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को देशभर में आयोजित की जाएगी। इससे पहले परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक की आशंका के चलते इसे रद्द कर दिया गया था। इस पूरे मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है। साथ ही, एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों से दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

छात्रों की मेहनत को मिलेगा न्याय
एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने आश्वासन दिया है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और छात्रों की मेहनत के साथ पूरा न्याय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली घटनाओं से ईमानदारी से तैयारी कर रहे छात्रों को नुकसान हुआ है, जिसे ध्यान में रखते हुए इस बार सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी। साथ ही, उन्होंने यह अपील भी की कि यदि किसी के पास पेपर लीक से संबंधित कोई जानकारी हो, तो वह उसे गोपनीय रूप से साझा कर सकता है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नीट-यूजी परीक्षा को समाप्त कर राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल प्रवेश देने की अनुमति दी जाए।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार अब पूरी सख्ती और गंभीरता के साथ नीट-यूजी परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने की दिशा में कार्य कर रही है। उद्देश्य स्पष्ट है छात्रों को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना, ताकि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके।

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