ईरान की सेना ने इस्राइल के एक कंटेनर जहाज पर हमला कर कब्जे में लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह जहाज इस्राइल के अरबपति का है और यह भारत की ओर आ रहा था। खबर है कि जहाज में 25 क्रू मेंबर मौजूद हैं।
इस्राइल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच ईरान की सेना ने इस्राइल के एक कंटेनर जहाज पर कब्जा कर लिया है। बताया जा रहा है कि जहाज इस्राइल के अरबपति इयाल ओफर का है। बड़ी बात यह है कि जहाज भारत की ओर आ रहा था और इस पर 25 क्रू मेंबर मौजूद हैं, जिनमें 17 भारतीय हैं। भारत इनकी सुरक्षित वापसी के लिए ईरान के संपर्क में है। इस बीच, इस्राइल ने नए घटनाक्रम को लेकर ईरान को चेतावनी दी है। इस्राइल ने कहा है कि ईरान को स्थिति को और अधिक बिगाड़ने के लिए परिणाम भुगतना होगा।
ओमान की खाड़ी में की कार्रवाई
बताया गया है कि ईरान की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान की खाड़ी में यह कार्रवाई की। सबसे पहले हेलीकॉप्टर से इस्राइली जहाज पर हमला किया गया और इसके बाद ईरान की नौसेना ने इसे जब्त कर लिया। बताया गया है कि यह जहाज इस्राइल के अरबपति इयाल ओफर के जोडियाक समूह से जुड़ा है। हालांकि अभी तक उनकी तरफ से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं आई है।
आखिरी बार दुबई से होर्मुज की ओर जाते हुए देखा गया जहाज
सुरक्षा बलों द्वारा एमआई-17 हेलीकॉप्टर से जहाज पर हमला किया गया, जिसका इस्तेमाल इससे पहले ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा भी किया गया था। जहाज का नाम एमएससी एरीज है और उसे आखिरी बार शुक्रवार को दुबई से होर्मुज की ओर जाते हुए देखा गया था। बताया गया है कि जहाज ने अपना ट्रैकिंग डेटा बंद किया हुआ था। इस्राइल के जहाजों द्वारा इस क्षेत्र से गुजरते समय अक्सर ट्रैकिंग डेटा बंद कर दिया जाता है।
आतंकवादी हमले में मारा गया इस्राइली युवक
उधर एक आतंकवादी हमले में इस्राइल के एक 14 साल के लड़के की मौत हो गई। बताया गया है कि 14 वर्षीय बिन्यामिन अचिमायर बीते दिनों से लापता चल रहा था। उसका शव कुछ समय पहले मलाचेई हाशालोम इलाके में पाया गया। इस्राइल की सेना का कहना है कि आतंकी हमले को अंजाम देने वाले संदिग्धों की तलाश लगातार जारी है।
आईडीएफ ने दी ईरान को परिणाम भुगतने की धमकी
इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान को हालात को और अधिक बिगाड़ने का विकल्प चुनने के परिणाम भुगतने होंगे। हगारी ने यह चेतावनी अपना एक वीडियो जारी कर दी है। हगारी का यह बयान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास इस्राइल से जुड़े कंटेनर जहाज को अपने कब्जे में लेने के बाद आया है। हालांकि उन्होंने अपने वीडियो बयान में जहाज पर कब्जे के मामले का जिक्र नहीं किया है। डैनियल हगारी ने यह भी कहा कि ईरान पूरे मध्य पूर्व और उसके बाहर आतंक फैलाने वालों को धन मुहैया कराता है, उन्हें ट्रेनिंग और और हथियार देता है। डैनियल हगारी ने कहा कि ईरान के समर्थन वाले हमास ने 7 अक्तूबर को इस युद्ध को शुरू किया था। इसके बाद ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने इसे और विस्तार किया। इसके बाद से इराक और सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया और यमन में ईरान समर्थित हूती भी इसमें आ गए। अब यह एक वैश्विक संघर्ष बन गया है। उन्होंने ईरान पर आतंक का सबसे बड़ा प्रायोजक देश होने का आरोप लगाया। हगारी ने कहा कि ईरान दुनिया में आतंक का सबसे बड़ा प्रायोजक देश है। इसके आतंक के नेटवर्क से सिर्फ इस्राइल, गाजा, लेबनान और सीरिया के लोगों को ही खतरा नहीं है। ईरानी शासन यूक्रेन और उसके बाहर भी युद्ध को बढ़ावा देता है।
भारतीय विमान ईरान के हवाई क्षेत्र में जाने से कर रहे परहेज
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एयर इंडिया के विमान शनिवार को ईरानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से बचते दिखे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एयर इंडिया के विमान एआई 161 ने सुबह साढ़े चार बजे दिल्ली से उड़ान भरी पर यह ईरान के ऊपर से उड़ान नहीं भर सका और इसने लंदन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग लिया। इससे एक दिन पहले विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान और इस्राइल की अगली सूचना तक यात्रा नहीं करने की सलाह दी थी।




