कारगिल विजय दिवस देश के गर्व का पर्व-प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान अग्निपथ योजना, अनुच्छेद 370, वन रैंक वन पेंशन, रक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हो रहे विकास पर अपनी बातें कहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान और गर्व का पर्व है। ये जीत किसी सरकार या दल की नहीं, बल्कि देश की जीत थी। ये जीत देश की विरासत है। शुक्रवार को द्रास में कारगिल विजय दिवस के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुई प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निपथ योजना को लेकर हमलावर हुए विपक्ष को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना का लक्ष्य सेनाओं को युवा बनाना है। देश की सेनाओं को युद्ध के लिए हमेशा योग्य बनाए रखना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कुछ लोग सेना के इस सुधार पर राजनीति कर रहे हैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने हजारों करोड़ के घोटाले करके सेना को कमजोर किया। ये वही लोग हैं, जिन्होंने वायु सेना को आधुनिक विमान न मिले।’ अपनी इस टिप्पणी से उन्होंने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सच्चाई ये है कि अग्निपथ योजना से देश की ताकत बढ़ेगी। भारत के अधिक से अधिक युवा मातृभूमि की सेवा के लिए आगे आएंगे। निजी क्षेत्र ने भी अग्निवीर को प्राथमिकता देने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आरोप लगाए जा रहे हैं कि सेना पेंशन को बचाने के लिए ये योजना लेकर आई है। लेकिन आज भर्ती हुए सैनिक को तीस साल बाद पेंशन मिलनी है। तब मोदी की उम्र 105 साल होगी। क्या तब भी मोदी सरकार होगी? हमारे लिए राष्ट्र की सुरक्षा और शांति पहले है। देश के युवाओं को जो गुमराह कर रहे हैं।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ इन लोगों ने वन रैंक वन पेंशन पर झूठ बोला। हमारी सरकार ने इसे लागू किया। ये वही लोग हैं, जिन्होंने वार मेमोरियल नहीं बनाया। सेना के जवानों को प्रर्याप्त बुलेट प्रूफ जैकेट भी नहीं दी। ये वही लोग हैं जो कारगिल विजय दिवस को भी नहीं मनाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल में हमने केवल युद्ध नहीं जीता था। लेकिन सत्य की भी जीत हुई है। उस समय भारत शांति के लिए कार्य कर रहा था, लेकिन पाकिस्तान ने विश्वासघात किया। पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा। पाकिस्तान आतंकवाद और छद्म युद्ध के सहारे खुद को प्रासंगिक प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज मैं उस मंच से बोल रहा हूं। यहां से आतंकवाद के आकाओं को मेरी आवाज सीधे सुनाई दे रही है। मैं उन्हें कह देना चाहता हूं कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। साथियों लद्दाख हो या फिर जम्मू कश्मीर विकास के सामने आ रही हर चुनौती को भारत परास्त करके ही रहेगा।’ उन्होंने आगे कहा कि कुछ ही दिन बाद 370 को निरस्त हुए पांच वर्ष पूरे होने जा रहा है। आज जम्मू कश्मीर नए सपनों की बात कर रहा है। आज जम्मू कश्मीर में जी 20 जैसे सम्मेलन आयोजन कर रहा है। दशकों के बाद कश्मीर में सीनेमा घर खुले हैं। तीन दशकों के बाद श्रीनगर में ताजिया निकला है। जम्मू कश्मीर तेजी से शांति और सौहार्द के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
लद्दाख के लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ें। इज ऑफ लिविंग बढ़े इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। लद्दाख के बजट को छह हजार करोड़ दिया गया है। करीब छह गुणा बजट में बढ़ोतरी की गई है। लद्दाख में बिजली, पानी और सड़क की सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। जल जीवन मिशन की वजह से अब लद्दाख में 90 प्रतिशत घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंच रहा है। शिक्षा के लिए सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है। जोजिला टनल का काम भी जारी है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज की परिस्थिति अलग है। आज हमारी सेना को हथियारों के साथ ही रणनीति और कार्यशैली में बदलाव करने की जरूरत है। बीते दस वर्षों में हमने रक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए 25 प्रतिशत प्राइवेट क्षेत्र के लिए रखा गया है। कभी भारत की पहचान हथियार मंगाने के तौर पर थी लेकिन अब एक्सपोर्ट के तौर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, सेना ने तय किया है कि पांच हजार चीजें बाहर से नहीं मंगाई जाएंगी। हमारी सेना ने बीते वर्षों में कई साहसिक निर्णय लिए हैं। इसका एक उदाहरण अग्निपथ योजना भी है। दशकों तक भारत की सेना की उम्र युवा होने पर चर्चा होती रही। लेकिन इस पर कोई समाधान नहीं किया गया। पहले कुछ लोगों का मानना था, सिर्फ नेताओं को सलाम करना। लेकिन हमारे लिए सेना का 140 करोड़ लोगों की आस्था, देश की सुरक्षा की गांरटी।’

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