दिल्ली के स्कूलों से 2.5 लाख बच्चे बाहर हुए: शिक्षा मंत्रालय

दिल्ली के शिक्षा मॉडल को लेकर केजरीवाल सरकार बड़े-बड़े दावे करती है. लेकिन, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़े कुछ और ही गवाही दे रहे हैं. दरअसल शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के आंकड़ों में, दिल्ली के स्कूलों में बच्चों के नामांकन की जारी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कुल 1621 सरकारी व निजी स्कूलों में से एक साल में 2,47,931 बच्चे बाहर हो गए.
मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि, दिल्ली के स्कूलों में बच्चों के नामांकन में तेजी से गिरावट देखी गई है. वर्ष 2022-23 की तुलना में स्कूलों में नामांकन घटने की दर 50 फीसदी के करीब है. रिपोर्ट जारी होने के बाद दिल्ली के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. इसे लेकर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपने स्तर पर इसकी समीक्षा शुरू कर दी है. दिल्ली में समग्र शिक्षा अभियान के निदेशक मोहिंदर पाल ने बताया कि, इस मामले में सभी जिला शहरी संसाधन समन्वय (डीयूआरसीसी) को सभी स्कूलों का दौरा करके बच्चों का नामांकन घटने के कारणों की जानकारी लेकर 31 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी है. विभाग ने सभी डीयूआरसीसी को नामांकन करने वाले 1621 स्कूलों की सूची भी भेजी है, जिनमें पिछले सत्र में 50 फीसदी तक नामांकन दर घटी है.
दक्षिणी दिल्ली के देवली का स्कूल शीर्ष पर: समग्र शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली इलाके में स्थित देवली के राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय में सबसे अधिक विद्यार्थियों की संख्या घटी है. सत्र 2023-24 में इस स्कूल से 1392 विद्यार्थियों ने स्कूल छोड़ दिया. इसके अलावा गंगाराम मार्ग स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल, पश्चिम विहार स्थित में मैक्सफोर्ट स्कूल, चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन स्कूल, जीके स्थित केआर मंगलम वर्ल्ड स्कूल, आनंद पर्वत स्थित रामजस सीनियर सेकेंडरी स्कूल और द्वारका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल फेहरिस्त में शामिल है. वहीं, शिक्षा की गुणवत्ता के लिए पहचाने जाने वाले एनडीएमसी के पेशवा रोड स्थित नवयुग स्कूल में भी छात्रों की संख्या में गिरावट आई है. इस स्कूल में सत्र 2022-23 की तुलना में 2023-24 में डेढ़ सौ विद्यार्थियों ने स्कूल छोड़ दिया है.

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