राजस्थान में गर्भवती महिलाओं को अब नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ‘मां वाउचर’ योजना शुरू करेंगे। योजना में दूर दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में भी गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। हेल्थ सेक्टर में राज्य सरकार आज से नि:शुल्क सोनोग्राफी की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार दोपहर दो बजे सीएमआर से इस योजना की लांचिंग करेंगे। यह योजना इसी साल 8 मार्च से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बारां, भरतपुर फलौदी में शुरू की गई थी। अब सरकार इसका दायरा बढ़ाकर पूरे प्रदेश में इसे लागू करने जा रही है।
चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि इस योजना के माध्यम से राजकीय सोनोग्राफी केंद्रों के साथ-साथ निजी सोनोग्राफी केंद्रों पर भी निःशुल्क सोनोग्राफी करवाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए क्यूआर कोड आधारित ई-वाउचर मिलेगा। उस वाउचर को देकर किसी भी सूचीबद्ध निजी सेंटर में वे निःशुल्क सोनोग्राफी करा सकेंगी। यदि डॉक्टर दोबारा सोनोग्राफी करवाने के लिए कहता है तो फिर से नि:शुल्क वाउचर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 84 दिन या उससे अधिक दिन की गर्भवती महिलाएं इस योजना के तहत फ्री सोनोग्राफी करवा सकती हैं। योजना का लाभ लेने के गर्भवती महिला को अपना जन आधार कार्ड और मोबाइल फोन लेकर चिकित्सा संस्थान पर जाना होगा। वहां ओटीपी के माध्यम से उन्हें एसएमएस पर क्यूआर वाउचर जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता 30 दिन की होगी। अगर किसी वजह से तय समय में महिला सोनोग्राफी नहीं करा पाती हैं तो वह दोबारा चिकित्सा संस्थान पर जाकर उसकी अवधि 30 दिन तक के लिए और बढ़ा सकती हैं। हालांकि ऐसा सिर्फ एक बार ही किया जा सकेगा।






