याचिका में कहा गया है कि ड्रेस कोड की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वकील ने कहा कि कल से कॉलेजों में यूनिट टेस्ट शुरू हो रहे हैं। ऐसे में तुरंत इस मामले पर सुनवाई की जानी चाहिए। कॉलेजों में हिजाब-बुर्के पर प्रतिबंध के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई कर सकता है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने वकीलों की दलीलों पर गौर करने के बाद याचिका को सूचीबद्ध करने की बात कही। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जैनब अब्दुल कय्यूम सहित कई अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील अबीहा जैदी ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की अपील की। याचिका में कहा गया है कि ड्रेस कोड की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वकील ने कहा कि कल से कॉलेजों में यूनिट टेस्ट शुरू हो रहे हैं। ऐसे में तुरंत इस मामले पर सुनवाई की जानी चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि उन्होंने 9 अगस्त को सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध कर दिया है। गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने कॉलेजों में हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध को बरकरार रखा था और चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी के एन जी आचार्य और डी के मराठे कॉलेज द्वारा प्रतिबंध लगाने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि ऐसे नियम छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते हैं।
Related Posts
दिल्ली: राशन कार्ड बनवाने के नियम बदले
नये नियम के तहत अब इन लोगों का नहीं बनेगा राशन कार्ड अगर आप दिल्ली में रहते हैं और राशन कार्ड बनवाने की योजना बना…
दिल्ली में घने कोहरे से 50 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर,सड़कों पर धीमी गति से चल रहे हैं वाहन
घने कोहरे के कारण आईजीआई एयरपोर्ट पर उड़ान सेवा काफी प्रभावित हुई। घने कोहरे में कम दृश्यता के मुकाबले के लिए एयरपोर्ट पर सुबह के…
दिल्ली के द्वारका स्थित अपार्टमेंट में आग लगने से पिता और दो बच्चों की दर्दनाक मौत
राजधानी दिल्ली के द्वारका सेक्टर-13 स्थित सबद सोसाइटी के एक अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल पर भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार…
विशिखा मीडिया
विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया।
विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है।
विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें।
विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है।
पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता।
विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।





