वक्फ बोर्ड संशोधन बिल मुसलमानों की गरीबी दूर करेगा-मुस्लिम जमात

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड को लेकर एक बिल सांसद में लाई है। इस बिल से भूमाफिया से मिलकर वक्फ की संपत्ति को बेचने व लीज पर देने के कारोबार पर लगाम लगेगी। केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड से संबंधित एक कानून बनाने की प्रक्रिया में वक्फ संशोधन बिल पेश किया है। जिसका सुन्नी सूफी बरेलवी मुसलमानों के संगठन मुस्लिम जमात ने खुला समर्थन देने का एलान किया। कहा गया है कि ये वक्फ बोर्ड संशोधन बिल मुसलमानों की आर्थिक तंगी को दूर करेगा। बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की बैठक शुक्रवार को ग्रांड मुफ्ती हाउस में हुई। इसमें वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड को लेकर एक बिल सांसद में लाई है। इस बिल से भू माफिया से मिलकर वक्फ की संपत्ति को बेचने व लीज पर देने के कारोबार पर लगाम लगेगी। मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड के गठन में पारदर्शिता अपनाई जाए। अमानतदार और स्वच्छ छवि के लोगों को ही सदस्य बनाया जाए। दागदार या अपराधी छवि वाले व्यक्ति को सदस्य बनाए जाने से पद का गलत दुरुपयोग होता है। शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश के तमाम वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, अधिकारी, सदस्य भूमाफिया संग मिलकर वक्फ की संपत्ति को खुर्द बुर्द कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सही मायने में वक्फ बोर्ड अपना काम करता है तो पूरे देश के मुसलमान में विकास साफ तौर पर देखा जा सकता था। कोई भी मुसलमान भीख मांगता हुआ नजर नहीं आएगा और न ही विकास की मुस्लिम आवाम में कोई कमी नजर आएगी।
खुर्द-बुर्द की गईं वक्फ की संपत्तियां
मौलाना ने आगे कहा कि हमारे बुजुर्गों ने अपनी संपत्तियां इसलिए वक्फ की थी कि इसकी आमदनी से मुसलमानों के गरीब, कमजोर बच्चों की तालीम का अच्छा इंतजाम किया जा सके। यतीम और बेवाओं की मदद हो सकें। मगर ये सब न होकर वक्फ बोर्डों के जिम्मेदारों ने भूमाफिया से सांठगांठ करके संपत्तियों के बेचने और पैसा कमाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से संपत्तियां खुर्द-बुर्द हो गईं। मौलाना ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों ने बोर्ड के जिम्मेदारों पर अंकुश लगाने के लिए कोई काम नहीं किया। बोर्ड के जिम्मेदारों को खुली छूट दे दी गई। अगर सरकारें पहले ही वक्फ संपत्तियों के रख रखाव के लिए बेहतर कदम उठाती तो कुछ मुसलमानों का भला हो सकता था।
गैर मुस्लिम को न बनाया जाए सदस्य
बैठक में एक प्रस्ताव पास करके सरकार से कहा गया कि इस संशोधन बिल में मस्जिद के इमामों और खिदमत करने वालों की तनख्वाह मुकर्रर करने का प्रावधान रखा जाए। साथ ही वक्फ बोर्ड की कार्यकारणी में गैर मुस्लिम को सदस्य नामित न किया जाए। इस संबंध में मुस्लिम जमात ने प्रधानमंत्री और अल्पसंख्यक मंत्री को पत्र भी लिखा है।

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