मिलेट्स के सेवन से पुरानी से पुरानी डायबिटीज होगी तेजी से कंट्रोल

अनहेल्दी लाइफस्टाइल, स्ट्रेस, गलत खानपान के कारण लोग डायबिटीज की चपेट में तेजी से आते हैं। हर साल तकरीबन 10 लाख लोगों की मौत डायबिटीज के कारण हो जाती है। ऐसे में अगर समय रहते बढ़ते शुगर को कंट्रोल नहीं किया गया तो शरीर कई गंभीर बीमारियों का घर बन सकता है। शुगर कम करने के लिए सबसे ज़रूरी है आप अपनी डाइट में बदलाव करें। सबसे पहले आप अपनी डाइट में से चावल और आटे की रोटियां को डाइट से बाहर करें। आटे की रोटियों की जगह आप मिलेट्स का सेवन करें। कई लोगों को तो मिलेट्स के बारे में जानकारी ही नहीं होती है इसलिए लोग इनका सेवन नहीं करते हैं। अगर आप भी मिलेट के बारे में नहीं जानते तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं और जानते हैं ये शुगर कंट्रोल करने में कैसे फायदेमंद है।
क्या हैं मिलेट्स?
ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को ही मिलेट कहा जाता है। इन अनाज को आम बोलचाल की भाषा में मोटा अनाज कहा जाता है। ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी बाजार में आसनी से मिल जाते हैं। लेकिन सावां, कंगनी, चीना का प्रोडक्शन कम होता है। मिलेट्स में मिनरल, विटामिन, एंजाइम और फाइबर काफी ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही इनमें मैक्रो और माइक्रो जैसे बेहतरीन पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इतना ही नहीं इनमें बीटा-कैरोटीन, नाइयासिन, विटामिन-बी6, फोलिक एसिड, पोटेशियम, मैग्नीशियम, जैसे पोषक तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। डायबिटीज के मरीज जब गेंहू की आटे की रोटियों का सेवन करते हैं तो उस्मने मौजूद ग्लूटेन आपकी बॉडी में चिपक जाते हैं जो शुगर बढ़ने का कारण बनते हैं। वहीं, मिलेट्स में विटामिन और फाइबर की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है। साथ ही इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता है ऐसे में इसे कंट्रोल करना आसान होता है। मिलेट्स के सेवन से डायबिटीज कंट्रोल होता है साथ ही मोटापा, दिल की बीमारी और पाचन की समस्या भी नहीं होती है। मोटे आनाज शरीर में कैल्शियम का कमी पूरा कर हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ ही सर्दियों में शरीर को रखता गर्म रखते हैं।

विशिखा मीडिया

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