मथुरा के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के पैगांव में शुक्रवार को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ हुई पंचायत में गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष अमोल उर्फ अनमोल पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसी गांव की प्रधान पप्पी के बेटे कृष्ण पर पिता रामवीर प्रधान की हत्या के बदले अमोल की हत्या का आरोप है। इस हत्याकांड से गुस्साए ग्रामीण और मृतक के परिवार के सदस्यों ने छाता कोतवाली के पास आगरा-दिल्ली हाईवे को करीब एक घंटे तक बंद कर प्रदर्शन किया। पुलिस के प्रयासों के बाद जाम हटाया गया और शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है, जब पैगांव में सीताराम बगीची पर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पंचायत आयोजित की गई थी, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल थे। गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष अमोल (32) भी इस पंचायत में मौजूद थे। मृतक के भाई सौर सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पप्पी का बेटा कृष्ण अपने साथ गांव के अरुण, रामबाबू, सतवीर, जग्गा, और प्रदीप को लेकर वहां पहुंचा और अमोल पर गोली चला दी। गोली लगने से अमोल वहीं गिर पड़ा और घटनास्थल पर भगदड़ मच गई। सूचना पाकर शेरगढ़ थाने सहित अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कृष्ण अपने साथियों के साथ पहले ही भाग चुका था। घायल अमोल को ग्रामीण निजी अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अमोल को पांच से अधिक गोलियां लगी थीं। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण हाईवे पर प्रदर्शन करने लगे और हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। मौके पर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, एसपी देहात त्रिगुण बिसेन और कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची और जाम खुलवाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि हत्या के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद पैगांव में मातमी सन्नाटा छा गया है। लोग इस घटना से हैरान हैं और गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। इधर, पुलिस आरोपियों के घरों पर दबिश दे रही है। अमोल को ब्रज केसरी के नाम से भी जाना जाता था, और वह चार भाइयों और दो बहनों में तीसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई सौर सिंह खेती करते हैं, जबकि हेम सिंह सेना में हैं और सबसे छोटा भाई प्रमोद पढ़ाई कर रहा है। हेम सिंह की तैनाती फिलहाल जम्मू-कश्मीर में है। अमोल के पहलवान साथी उसे ब्रज केसरी कहते थे, क्योंकि वह ब्रज के कुश्ती दंगलों में हमेशा सबसे आखिरी में लड़ते थे।
कृष्ण को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसके कंधे में गोली का घाव बताया गया है। एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि कृष्ण के इलाज और जांच के लिए अस्पताल में पुलिस तैनात है। अमोल के खिलाफ शेरगढ़ थाने में हिस्ट्रीशीट खुली हुई थी और उसके खिलाफ कुल पांच मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या और शस्त्र अधिनियम के मुकदमे शामिल थे। इसके अलावा, कोसीकलां में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। मृतक के परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान कृष्ण के साथ उसका सरकारी गनर भी था। हालांकि, पुलिस इस बात की पुष्टि जांच के बाद करेगी और घटना के दौरान पंचायत में मौजूद लोगों से वीडियो और फोटो जुटा रही है।
बेटे ने लिया पिता की हत्या का बदला, भरी पंचायत में गोलियों से भूना






