नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग का आदेश पलटा, शिक्षकों को छूट दी

बिहार के विवादित आईएएस अधिकारी केके पाठक, जो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव थे, उन्होंने शिक्षकों के लिए एक मिनट की देरी पर वेतन काटने जैसे प्रावधान लागू किए थे। उन्होंने जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित करने के डीएम के अधिकार को भी अवैध घोषित कर दिया था। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से केके पाठक की विदाई से पहले ही उनके आदेशों की अनदेखी शुरू हो गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद आगे आकर राज्य के सबसे विवादित आईएएस अधिकारी के आदेश को पलटते हुए मुख्य सचिव के जरिए नया आदेश जारी कराया था।
अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षकों की समस्याओं और एक शिक्षक की डूबकर मौत के बाद शिक्षा विभाग के सचिव ने दो ऐसे पत्र जारी किए हैं, जिससे केके पाठक के एक आदेश को खारिज कर दिया गया है। इन आदेशों में बाढ़ प्रभावित इलाकों में शिक्षकों के एक घंटे देरी से पहुंचने पर उसे गैरहाजिरी के रूप में न गिनने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही डीएम के अधिकारों पर सवाल उठाने के बजाय, शिक्षा विभाग के सचिव ने स्कूलों में अवकाश घोषित करने का अधिकार उन्हें दिया है। सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में छात्रों, शिक्षकों, और स्कूल के गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए नावों के संचालन और उन पर लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए हैं।
शुक्रवार को पटना से दियारा स्थित विद्यालय में पढ़ाने जा रहे एक शिक्षक की गंगा नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। जैसे ही शिक्षक गंगा नदी में गिरे, नाव में सवार अन्य शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई। नाव में मौजूद शिक्षक और शिक्षिकाओं ने जोर-जोर से शोर मचाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। नाविक ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गंगा के तेज बहाव में शिक्षक बह गए। शिक्षक अविनाश कुमार दानापुर के दियारा के काशीचक स्थित उत्क्रमित विद्यालय में पदस्थापित थे। उनकी मौत के बाद नाराज शिक्षकों ने गांधी मैदान मार्ग पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने सरकार से सवाल उठाया कि हमारी मौत के बाद हमारे परिवार की देखभाल कौन करेगा।

विशिखा मीडिया

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