14 से 18 साल की बेटियों को सक्षम बनाने के लिए सरकार पहल करेगी। पायलट योजना के तहत उन्हें घर और स्कूल के नजदीक प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र सरकार बेटियों को गैर-पारंपरिक नौकरियों में कुशल बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक ने बताया कि यह पायलट योजना अगले दो-तीन हफ्तों में शुरू की जाएगी, जिसमें 14-18 साल की लड़कियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस योजना के तहत, फिलहाल देश के 27 जिलों और बाद में 218 जिलों में, 14-18 वर्ष की किशोरियों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण साझेदारों, जन शिक्षण संस्थानों और सरकारी संस्थानों के माध्यम से गैर-पारंपरिक भूमिकाओं में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है। इसे जल्द ही उच्चतम स्तर पर लागू किया जाएगा।
गैर-पारंपरिक नौकरियां आमतौर पर उन भूमिकाओं को कहा जाता है, जिनमें किसी विशेष लिंग, पुरुष या महिला, की भागीदारी 25% से कम होती है। इस योजना के तहत बेटियों को उनके घर और स्कूल के आसपास ही प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकें। इसमें डिजिटल कौशल, डिजिटल मार्केटिंग और सामान्य व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया जाएगा। श्रम ब्यूरो द्वारा अक्टूबर 2023 में जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, श्रम बल में महिला भागीदारी 37% है। 2017-18 में यह भागीदारी दर 23.3% थी, जो 2022-23 में बढ़कर 37% हो गई है।
14 से 18 वर्ष की बेटियों को खास प्रशिक्षण देगी सरकार, 27 जिलों में शुरू होगा पायलट योजना




