यूपीएससी उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए अब आधार से होगा वेरिफिकेशन-केंद्र

केंद्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को पंजीकरण, परीक्षाओं और भर्ती के विभिन्न चरणों में उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित करने के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार प्रमाणीकरण की अनुमति दी है। इस संबंध में सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है।
यह पहली बार है जब केंद्र सरकार ने यूपीएससी को पंजीकरण के समय और परीक्षाओं तथा भर्ती के विभिन्न चरणों के दौरान आधार आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करने की अनुमति दी है। इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, विशेष रूप से उस घटना के बाद जब आयोग ने पिछले महीने प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की अनंतिम उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। खेडकर पर सिविल सेवा परीक्षा में धोखाधड़ी करने का आरोप था, जिसके कारण आयोग ने उनके भविष्य में किसी भी परीक्षा में भाग लेने पर रोक लगा दी थी।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यूपीएससी ‘वन टाइम रजिस्ट्रेशन’ पोर्टल पर पंजीकरण और भर्ती परीक्षाओं के विभिन्न चरणों के दौरान उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित करने के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार प्रमाणीकरण की अनुमति होगी। इसके लिए ‘हां/नहीं’ या/और ई-केवाईसी प्रमाणीकरण सुविधाओं का उपयोग किया जा सकेगा। अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयोग सभी संबंधित नियमों, विनियमों और यूआईडीएआई के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा।
यूपीएससी ने जुलाई में पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई की थी, जिनमें फर्जी पहचान के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के मामले में जालसाजी का मामला दर्ज करना भी शामिल था। खेडकर को भारतीय प्रशासनिक सेवा (2023 बैच, महाराष्ट्र कैडर) में अनंतिम रूप से नियुक्त किया गया था, लेकिन उन पर पुणे में अपने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारों और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था।
जून में, यूपीएससी ने अपनी परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने और परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अपनाने का निर्णय लिया था। इस निर्णय के बाद, मेन्स परीक्षा में छात्रों को नकल करने से रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। यूपीएससी मेन्स परीक्षा 20 सितंबर को होनी है, जिसमें परीक्षा कक्ष में AI आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए यूपीएससी ने टेंडर निकालकर पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स से आवेदन आमंत्रित किए हैं ताकि इस प्रकार की टेक्नोलॉजी विकसित की जा सके।
यूपीएससी हर साल 14 प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के ग्रुप ‘ए’ और ग्रुप ‘बी’ पदों पर भर्ती के लिए भी कई परीक्षाएं और साक्षात्कार आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं।

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