इस साल अमेरिका में मच्छरों के कारण फैलने वाले एक दुर्लभ वायरस से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह घटना न्यू हैंपशायर की है, जहां पिछले दस वर्षों में ऐसा कोई मामला नहीं देखा गया था। अमेरिका में इस साल ट्रिपल ई वायरस का यह पांचवां मामला है। यह वायरस 86 साल पुराना है, लेकिन इससे संक्रमित होने या मरने के मामले बहुत कम ही होते हैं। हालांकि, इसका संक्रमण दुर्लभ है, लेकिन यह जानलेवा हो सकता है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि न्यू हैंपशायर, मैसाच्युसेट्स और आस-पास के राज्यों में ट्रिपल ई वायरस फैल रहा है, जिसके कारण इन क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
ट्रिपल ई वायरस क्या है?
ईस्टर्न एक्विन इंसेफलाइटिस वायरस (EEEV), जिसे आमतौर पर ट्रिपल ई कहा जाता है, 1938 में खोजा गया था। इसका संक्रमण बहुत दुर्लभ होता है, लेकिन यह बेहद खतरनाक है। न्यू हैंपशायर में अब तक 118 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें से 64 लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस इंसानों के सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर हमला करता है, जिससे दिमाग में सूजन और दर्द होता है। यह वायरस उत्तरी अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में पाया गया था और सबसे पहले अमेरिका के पूर्वी और तटीय क्षेत्रों में इसका पता चला। येल यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता वेरिटी हिल ने बताया कि यह वायरस पक्षियों से मच्छरों में और फिर इंसानों तक पहुंचता है। मुख्य रूप से ब्लैक-टेल्ड मच्छर इस वायरस को फैलाते हैं।
वायरस कैसे फैलता है?
यह वायरस जंगलों के कीचड़ वाले इलाकों में रहने या प्रवास करने वाले पक्षियों में पाया जाता है। कुछ मच्छर इंसानों और अन्य स्तनधारियों को इस वायरस से संक्रमित करते हैं। ये मच्छर संक्रमित पक्षियों को काटते हैं और फिर इंसानों में वायरस को इंजेक्ट कर देते हैं। हालांकि, इंसान और घोड़े इस वायरस के डेड-एंड होस्ट होते हैं, यानी उनके माध्यम से यह वायरस आगे नहीं फैलता।
संक्रमण के लक्षण क्या होते हैं?
ट्रिपल ई वायरस से संक्रमित व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द, उलटी, दस्त, दौरे, व्यवहार में बदलाव, थकान, नींद में वृद्धि और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन हो जाती है, जिसे इंसेफलाइटिस कहा जाता है। इसकी पहचान लक्षणों के आधार पर या रीढ़ की हड्डी और खून की जांच से की जाती है। इस साल अमेरिका में अब तक 5 मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक मौत न्यू हैंपशायर में हुई है। 2003 से 2023 तक अमेरिका में 196 मामले दर्ज किए गए हैं, और हर साल लगभग 11 मामले सामने आते हैं। 2019 में इस वायरस का सबसे खतरनाक प्रकोप हुआ था, जब 38 मामले सामने आए थे और 12 लोगों की मौत हुई थी।
अमेरिका में फैल रहा है ट्रिपल ई वायरस, जानिए कितना खतरनाक है





