प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामीबिया दौरे के दौरान भारत ने नामीबिया को रक्षा उपकरण खरीदने के लिए ऋण सुविधा (लाइन ऑफ क्रेडिट) देने का प्रस्ताव रखा है। नामीबिया ने भारत से रक्षा सहयोग में गहरी रुचि दिखाई है। इसके अलावा, नामीबिया ने भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही इंटरनेशनल चीता अलायंस (आईबीसीए) का हिस्सा बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई दृष्टिकोण से खास रहा। इस दौरान भारत और नामीबिया के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। प्रमुख रूप से भारत ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग के तहत नामीबिया को वित्तीय सहायता की पेशकश की ताकि वह भारत से रक्षा सामग्री खरीद सके। इस बारे में जानकारी देते हुए भारत के उच्चायुक्त राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि नामीबिया ने रक्षा उपकरणों में गहरी दिलचस्पी दिखाई है और भारत ने इसके लिए विशेष ऋण सुविधा का प्रस्ताव किया है।
चीता संरक्षण के क्षेत्र में भी भारत और नामीबिया एक साथ कदम बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान नामीबिया ने आश्वासन दिया कि वह शीघ्र ही इंटरनेशनल चीता अलायंस में शामिल होगा। यह संगठन भारत की पहल पर गठित हुआ है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में शेर, बाघ, तेंदुआ और चीता जैसी बड़ी बिल्ली प्रजातियों का संरक्षण करना है। यह अलायंस अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रोजेक्ट टाइगर की 50वीं वर्षगांठ पर शुरू किया गया था। उल्लेखनीय है कि 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को लाकर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में बसाया गया था। यह विश्व का पहला महाद्वीपीय चीता पुनर्वास कार्यक्रम था।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी भारत ने नामीबिया की सहायता की है। नामीबिया ने मलेरिया से निपटने के लिए भारत से दवाइयां और जांच किट मांगी थीं, जिन्हें जल्द ही भेजा जाएगा। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया के पहले राष्ट्रपति सैम नुजोमा को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्टेट हाउस में राष्ट्रपति नांदी-नदाइत्वा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक अंदाज़ में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह दौरा उनकी पांच देशों की विदेश यात्रा का अंतिम चरण था। इससे पहले वे घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और ब्राज़ील भी गए थे, जहां उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।






