टीसीएस नासिक कांड: सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश

महिलाओं ने निकाली जन आक्रोश रैली, आरोपितों के घर बुलडोजर चलाने की मांग

यौन उत्पीड़न और जबरन मतांतरण के आरोपों के बीच टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक कार्यालय से जुड़ा मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने अपने नासिक यूनिट के लगभग 150 कर्मचारियों को अगली सूचना तक घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने के निर्देश जारी किए हैं। कंपनी का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसके तहत फिलहाल किसी भी कर्मचारी को कार्यालय आने की अनुमति नहीं होगी। मामले में नासिक पुलिस व्यापक स्तर पर जांच कर रही है। पुलिस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और राज्य की खुफिया इकाइयों को भी पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के अनुसार, जांच के दौरान सोशल मीडिया पर सामने आई उन आशंकाओं की भी पड़ताल की जा रही है, जिनमें इस प्रकरण के पीछे कट्टरपंथी संबंधों या विदेशी फंडिंग की बात कही जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर तथ्य की पुष्टि जरूरी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर अब तक नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें यौन उत्पीड़न, धमकी देने और जबरन मतांतरण के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों के बीच हुई करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा संभावित वित्तीय लेन-देन से जुड़े कुछ अहम सबूत भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।

महिलाओं ने निकाली जन आक्रोश बाइक रैली
इस पूरे मामले को लेकर गुरुवार को नासिक में महिलाओं ने ‘रणरागिनी जन आक्रोश बाइक रैली’ निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी भागीदारी निभाई। भगवा साड़ी और पटका पहने महिलाएं स्कूटर और मोटरसाइकिल पर सवार होकर सड़कों पर उतरीं, जबकि पुरुषों ने भी भगवा पटका धारण किया हुआ था। रैली के दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। रैली में शामिल भाजपा विधायक देवयानी फरांडे ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला पर धार्मिक प्रथाएं थोपना, उसके साथ दुष्कर्म करना और जबरन मतांतरण कराना संविधान के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में दोषियों की संपत्ति जब्त करने, उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई। साथ ही, आरोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग जोर-शोर से उठी।

फिलहाल, यह मामला संवेदनशील बना हुआ है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।

विशिखा मीडिया

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