अमरनाथ यात्रा 2026: दो दिन में दो लाख भक्तों ने यात्रा के लिए कराया पंजीकरण

बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह

बाबा बर्फानी के पावन दर्शन के लिए इस वर्ष श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के पंजीकरण ने महज दो दिनों में ही करीब दो लाख का आंकड़ा पार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल होने के लिए तेजी से पंजीकरण करा रहे हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण प्रक्रिया लगातार जारी है और शुरुआती जत्थे में शामिल होने के लिए भक्तों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा प्रबंधन, आवास और परिवहन जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार शुरुआती दिनों में ही पंजीकरण की रफ्तार कहीं अधिक तेज है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। हालांकि, बढ़ती गर्मी के चलते हिमलिंग के समय से पहले पिघलने की आशंका भी श्रद्धालुओं के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।

समूह पंजीकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी
श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने समूह पंजीकरण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 5 से 30 श्रद्धालुओं के समूह के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके तहत सभी सदस्य एक साथ आवेदन कर सकते हैं। समूह पंजीकरण के लिए आवेदन 15 अप्रैल 2026 से पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जा सकते हैं, जबकि आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित की गई है। पंजीकरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा और यह उपलब्ध तिथियों व मार्ग के स्लॉट पर निर्भर करेगा। प्रत्येक सदस्य के लिए आवेदन पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, आधार संख्या और संपर्क विवरण अनिवार्य होंगे। इसके साथ ही अधिकृत डॉक्टर या चिकित्सा संस्थान द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की मूल प्रति भी जमा करनी होगी। यात्रा शुल्क 250 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है, जिसे दस्तावेजों के सत्यापन और यात्रा तिथि तय होने के बाद ही ऑनलाइन या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से जमा करना होगा। आवेदन के साथ डिमांड ड्राफ्ट देने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड के अनुसार, 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति तथा छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाएं इस यात्रा के लिए पात्र नहीं होंगी। साथ ही, केवल 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे।

ई-केवाईसी और आरएफआईडी कार्ड अनिवार्य
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि समूह पंजीकरण के बाद सभी यात्रियों को निर्धारित केंद्रों पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके पश्चात उन्हें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड जारी किया जाएगा। बिना वैध आरएफआईडी कार्ड के डोमेल-बालटाल या चंदनवाड़ी मार्ग से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

महत्वपूर्ण निर्देश

  • पंजीकरण और यात्रा परमिट ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर जारी किए जाएंगे
  • प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिदिन सीमित कोटा दिया गया है
  • बायोमेट्रिक सत्यापन में समस्या होने पर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है
  • पंजीकरण के समय सही मोबाइल नंबर और आधार विवरण देना अनिवार्य है
  • स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की जांच के बाद ही बैंक द्वारा परमिट जारी किया जाएगा
  • यात्रा परमिट पर मार्ग (बालटाल या पहलगाम) स्पष्ट रूप से अंकित होगा
  • निर्धारित तिथि से 7 दिन पहले संबंधित यात्रा के लिए पंजीकरण बंद कर दिया जाएगा


यात्रा के लिए पंजीकरण देशभर की चुनिंदा बैंक शाखाओं में किया जा रहा है, जिनमें पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और यस बैंक शामिल हैं। कुल मिलाकर, अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। प्रशासन और श्राइन बोर्ड द्वारा किए जा रहे व्यापक इंतजाम इस बात का संकेत हैं कि इस वर्ष यात्रा पहले से अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित रहने की उम्मीद है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading