राजस्थान की राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके कारण लोग अपने-अपने घरों से बाहर आ गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र पाकिस्तान में था, जहां दोपहर 12:58 बजे रिक्टर स्केल पर 5.8 की तीव्रता वाला भूकंप आया। इस भूकंप का असर राजस्थान और दिल्ली एनसीआर के इलाकों में भी महसूस किया गया है। फिलहाल भूकंप से किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली है।
भूकंप की तीव्रता का खतरनाक प्रभाव:
• यदि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 0 से 1.9 के बीच होती है, तो यह केवल सीज़्मोग्राफ पर ही दर्ज होता है और आम लोग इसे महसूस नहीं करते।
• यदि तीव्रता 2 से 2.9 के बीच होती है, तो हल्का सा कंपन महसूस होता है, जिससे जानमाल का नुकसान नहीं होता।
• तीव्रता 3 से 3.9 के बीच होने पर हल्के झटके महसूस होते हैं, जैसे कोई गाड़ी तेज़ रफ्तार में आपके पास से गुजर रही हो। इससे भी नुकसान नहीं होता।
• तीव्रता 4 से 4.9 के बीच होने पर हल्के से तेज झटके लगते हैं। इस दौरान दीवारों पर टंगी चीजें गिर सकती हैं और खिड़कियां टूट सकती हैं।
• अगर भूकंप की तीव्रता 5 से 5.9 के बीच होती है, तो घर के फर्नीचर हिलने लगते हैं और दीवारों में दरारें आ सकती हैं।
• तीव्रता 6 से 6.9 के बीच होने पर इसका असर पूरे शहर में देखा जा सकता है और इमारतों की नींव दरक सकती है।
• यदि तीव्रता 7 से 7.9 के बीच होती है, तो इसे विनाशकारी माना जाता है और इस स्थिति में जानमाल का काफी नुकसान होता है, सूनामी का खतरा भी होता है।
• यदि तीव्रता 8 से 8.9 के बीच होती है, तो शहरों का शहर तबाह हो सकता है।
• यदि तीव्रता 9 से 9.9 के बीच होती है, तो पृथ्वी के बड़े हिस्से का नाश हो सकता है, यह किसी प्रलय से कम नहीं होगा।
• अगर तीव्रता 10 रिक्टर पर होती है, तो शायद ही धरती पर कोई बच सके।
जयपुर समेत राजस्थान के कई शहरों में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.8






