बेंगलुरु शहर में साइबर अपराध का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ साइबर अपराधियों ने फर्जी कोर्ट में फर्जी मुकदमा चलाकर 59 लाख रुपए ठग लिए। ठगी के बाद पीड़ित ने मामला दर्ज कराया है। बेंगलुरु की एक कंपनी के कार्यकारी अधिकारी के.जे. राव ने बताया कि 12 सितंबर को सुबह 11 बजे उन्हें एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उनके सभी मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए गए हैं। कॉल को एक व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया गया, जिसने खुद को मुंबई के कोलाबा क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपके नाम से पंजीकृत मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का इस्तेमाल केनरा बैंक में खाता खोलने के लिए किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, उस खाते का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया है। जब राव ने फोन काटने की कोशिश की, तो उन्हें दूसरी ओर से वॉट्सऐप वीडियो कॉल किया गया। फर्जी पुलिसकर्मी ने उन्हें अपनी जगह पर बने रहने की सलाह दी और फिर फोन को किसी और को ट्रांसफर कर दिया। दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने खुद को सीबीआई का जांच अधिकारी राहुल गुप्ता बताते हुए कहा कि आप डिजिटल रूप से गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
राव घर पहुंचे और खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। साइबर अपराधियों ने राव पर स्काइप कॉल के जरिए निगरानी शुरू कर दी और बताया कि उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया जाएगा। राव ने कहा कि उन्हें ऑनलाइन कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ एक व्यक्ति जज की पोशाक में ऊँची बेंच पर बैठा था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि उन्हें 59 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने होंगे और उनका विवरण साझा करना होगा। राव की रातभर स्काइप से निगरानी की गई, और अगले दिन राव ने 50 लाख और 9 लाख रुपए दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में अपराधियों ने स्काइप कॉल बंद कर दी।
ठगी का अनोखा मामला! जज, अदालत, मुकदमा सब फर्जी, अफसर से ठगे 59 लाख रूपए





