कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा अध्यापक भर्ती 2022 (लेवल 2) में रिजल्ट के एक साल बाद उत्तर कुंजी में संशोधन के कारण लगभग चार हजार नवनियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। सालभर तक काम करने के बाद हजारों शिक्षक अपनी नौकरी से हाथ धो सकते हैं। इस स्थिति से नवनियुक्त शिक्षकों में आक्रोश है। पूरे राज्य में ये शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को महेश नगर में पीड़ित शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता नारायण सिंह ने बताया कि बोर्ड को प्रश्नों को लेकर लगभग 78,000 आपत्तियाँ प्राप्त हुई थीं, जिसके निस्तारण के लिए बोर्ड ने 2-स्तरीय कमेटी का गठन किया और सितंबर 2023 में रिजल्ट जारी कर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी। सैकड़ों उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरी नौकरियाँ छोड़कर अध्यापक भर्ती में काम शुरू किया, लेकिन अब एक साल बाद वे न तो पुरानी नौकरी में लौट सकते हैं और न ही इस भर्ती में बने रह सकते हैं। सैकड़ों शिक्षकों ने मिलकर संघर्ष की योजना बनाई है। पीड़ित शिक्षकों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार से माँग की है कि यदि रिवाइज रिजल्ट में एक साल से नियुक्त अभ्यर्थी बाहर होते हैं, तो उनके लिए नए पद सृजित कर उन्हें समायोजित किया जाए।
राजस्थान: चार हजार शिक्षकों की नौकरी पर लटकी तलवार






